नरसिंहपुर की हसीना और खौफनाक साजिश राजस्थान से बुलाकर प्रेमी की हत्या, एक स्कूल कॉपी ने खोला
- राजस्थान के भीलवाड़ा का रहने वाला वीरू जाट सोशल मीडिया के जरिए नरसिंहपुर की रीना के संपर्क में आया था।
- रीना का खर्च उसका पहला प्रेमी अरुण पटेल उठाता था, जिसने वीरू के साथ संबंधों का विरोध किया।
- साजिश के तहत रीना ने वीरू को फोन कर बुलाया, जहां अरुण और हरनाम ने मिलकर बेसबॉल बैट से उसकी हत्या कर दी।
- आरोपियों ने लाश को बोरी में बंद कर अपनी एक्सयूवी 700 कार से 200 किलोमीटर दूर रायसेन की खाई में फेंक दिया।
Narsinghpur Crime News : मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में बीते दिनों मिली एक सड़ी-गली लाश की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। नरसिंहपुर जिले के सांईखेड़ा की रहने वाली रीना किरार ने अपने पहले प्रेमी अरुण पटेल और साथी हरनाम किरार के साथ मिलकर, राजस्थान के भीलवाड़ा से बुलाए गए अपने दूसरे प्रेमी वीरू उर्फ पप्पू जाट की बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी।
यह वारदात 29 अप्रैल को रीना के घर पर अंजाम दी गई थी। कत्ल के बाद आरोपी लाश को बोरी में बंद कर अपनी एक्सयूवी 700 कार से 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र में ले गए और नागिन मोड़ के पास 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया। 7 मई को पुलिस को यह शव बरामद हुआ, जिसके बाद एक स्कूल की नोटबुक के सुराग से पुलिस ने उज्जैन से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
नागिन मोड़ के नीचे बोरी में मिली थी लाश
रायसेन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष गुप्ता ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 7 मई को बाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे एक बोरी में बंद बेहद सड़ी-गली लाश मिली थी। शव इस कदर गल चुका था कि उसकी पहचान करना लगभग नामुमकिन था।

घटनास्थल पर पुलिस को कोई ऐसा पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला, जिससे मृतक की पहचान की जा सके। हालांकि, पुलिस को शव के पास से एक बैग जरूर बरामद हुआ। इस बैग में मृतक के जूते, कंघी और एक छोटे बच्चे की स्कूल की नोटबुक रखी हुई थी। यही नोटबुक आगे चलकर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने का सबसे बड़ा जरिया बनी।
एक स्कूल कॉपी और शिक्षक के हस्ताक्षर ने खोला रास्ता
पुलिस ने जब उस बैग में मिली नोटबुक की बारीकी से जांच की, तो उसमें एक स्कूल शिक्षक के हस्ताक्षर दिखाई दिए। पुलिस टीम ने तफ्तीश की तो पता चला कि यह हस्ताक्षर नरसिंहपुर जिले के सांईखेड़ा कस्बे के एक स्कूल के शिक्षक के हैं। पुलिस तुरंत सांईखेड़ा पहुंची और उस शिक्षक से संपर्क किया।
शिक्षक की मदद से पुलिस ने उस बच्चे की पहचान की जिसकी वह कॉपी थी। जब पुलिस टीम बच्चे के घर पहुंची, तो पता चला कि रीना किरार का पूरा परिवार पिछले छह-सात दिनों से अचानक गायब है। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया और उन्होंने अपने मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया।
दो प्रेमियों के बीच फंसी महिला और हत्या की साजिश
पूछताछ में पुलिस के सामने एक बेहद उलझी हुई प्रेम कहानी और खौफनाक साजिश की परतें खुलीं। मुख्य आरोपी महिला रीना किरार का पति उसे छोड़ चुका था। इसके बाद उसके प्रेम संबंध अरुण पटेल नाम के व्यक्ति से हो गए, जो रीना का पूरा आर्थिक खर्च उठाता था। इसी बीच, करीब तीन साल पहले रीना की सोशल मीडिया के माध्यम से राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू जाट से दोस्ती हो गई।
दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और वीरू अक्सर रीना से मिलने उसके घर नरसिंहपुर आने लगा। जब अरुण को रीना और वीरू के संबंधों के बारे में पता चला, तो दोनों के बीच भारी विवाद शुरू हो गया। चूंकि अरुण ही रीना का सारा खर्च चलाता था, इसलिए रीना ने अरुण के कहने पर वीरू को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
900 किलोमीटर दूर से बुलाकर उतारा मौत के घाट
साजिश के तहत, रीना ने 29 अप्रैल को फोन करके वीरू जाट को भीलवाड़ा से मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। प्यार के बुलावे पर वीरू करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करके नरसिंहपुर पहुंच गया।
उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह सीधे मौत के जाल में कदम रख रहा है। जैसे ही वीरू रीना के घर पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे अरुण पटेल और हरनाम किरार ने उस पर हमला कर दिया। दोनों ने बेसबॉल के बैट से वीरू को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
लाश को ठिकाने लगाने के लिए 200 किमी का सफर
हत्या करने के बाद आरोपियों ने घर में फैला खून साफ किया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद उन्होंने वीरू के शव को एक बोरी में कसकर पैक किया और अपनी एक्सयूवी 700 (XUV 700) कार की डिक्की में रख दिया। आरोपी लाश को लेकर करीब 200 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र पहुंचे और सुनसान जगह देखकर बोरी को गहरी खाई में फेंक दिया।
पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी वारदात के बाद लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे। वे बाड़ी से इटारसी गए, वहां से मुंबई के कल्याण पहुंचे, फिर इंदौर और आखिरकार उज्जैन में जाकर छिप गए। हालांकि, मुस्तैद पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को उज्जैन से धर दबोचा। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार और बेसबॉल का बैट भी बरामद कर लिया है।













