Bageshwar Dham Samuhik Vivah 2026: नेपाल की बेटी के भी गूंजेंगे विवाह गीत, धीरेंद्र शास्त्री ने बेटियों को दिए खास तोहफे
बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर 300 बेटियों का सामूहिक विवाह होगा। इसमें नेपाल की बेटी भी शामिल है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उपहारों के साथ जोड़ों को आर्थिक सुरक्षा के लिए एफडी भी दी है।
Bageshwar Dham Kanya Vivah 2026 : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम एक बार फिर एक बड़े सामाजिक उत्सव का केंद्र बनने जा रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यहाँ आयोजित होने वाला सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव इस साल कुछ खास और बड़ा होने वाला है।
पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की देखरेख में होने वाले इस सातवें महोत्सव में न केवल देश के अलग-अलग हिस्सों से बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी एक बेटी का विवाह संपन्न होगा। इस आयोजन ने अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली है जिसकी तैयारियाँ धाम में जोर-शोर से चल रही हैं।
नेपाल की बेटी और 300 जोड़ों का होगा संगम
इस साल बागेश्वर धाम में कुल 300 कन्याओं के हाथ पीले किए जाएंगे। आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें नेपाल की एक बेटी का विवाह भी शामिल है जिसे लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री काफी उत्साहित हैं। रविवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने होने वाले वर और वधू पक्ष को विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री भेंट की।
बागेश्वर धाम पर हो रहा अंतर्राष्ट्रीय कन्या विवाह महोत्सव महाराज ने जानकारी दी।#bageshwardhamsarkar#kanyavivah#gramgadha#chhatarpur#bageshwardham#acharyadhirendrakrishnashastri#divyadarbar#shribageshwardhamsarkarlive#shribageshwardhamsarkar pic.twitter.com/pLDFH4I6DL
— Bageshwar Dham Sarkar (Official) (@bageshwardham) February 2, 2026
इसमें वधू के लिए लहंगा और चुनरी के साथ-साथ वर के लिए शेरवानी, टोपी और वरमाला जैसी चीजें शामिल थीं। धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक परिवार जुड़ने का उत्सव है।
सुरक्षा और भविष्य के लिए 30 हजार की एफडी
बागेश्वर धाम केवल विवाह संपन्न कराने तक ही सीमित नहीं है बल्कि नवविवाहित जोड़ों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। पंडित शास्त्री ने घोषणा की है कि प्रत्येक जोड़े के नाम पर 30 हजार रुपये की एक संयुक्त सावधि जमा यानी एफडी कराई जाएगी।
इस राशि को लेकर एक विशेष नियम बनाया गया है कि इसे विवाह के 5 साल पूरे होने से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि शुरुआत के कठिन समय में यह राशि उनके काम आ सके और वे आर्थिक रूप से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
मेहमानों के लिए पास और भोजन की विशेष व्यवस्था
सामूहिक विवाह के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन और धाम समिति ने कड़े नियम बनाए हैं। वधू और वर पक्ष के लिए अलग-अलग वाहन पास जारी किए गए हैं। वधू पक्ष को दो वाहन पास और एक पहचान कार्ड दिया गया है
कन्या विवाह में वर वधू के परिवार के क्या साथ लाना हैं और क्या नहीं इस वीडियो को जरूर देखे.?#bageshwardhamsarkar#kanyavivah#gramgadha#chhatarpur#bageshwardham#acharyadhirendrakrishnashastri#divyadarbar#shribageshwardhamsarkarlive#shribageshwardhamsarkar pic.twitter.com/esombQKbT3
— Bageshwar Dham Sarkar (Official) (@bageshwardham) February 2, 2026
जबकि वर पक्ष को वाहन पास के साथ उपहार ले जाने के लिए एक अतिरिक्त पास भी मुहैया कराया गया है। खान-पान की व्यवस्था को लेकर भी सावधानी बरती गई है। दोनों पक्षों के 25-25 सदस्यों के लिए भोजन के कूपन दिए गए हैं ताकि उत्सव के दौरान किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
दूर से आने वाले परिवारों को मिली हिदायत
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उन परिवारों को खास सलाह दी है जो काफी दूर से छतरपुर पहुँचने वाले हैं। उन्होंने कहा है कि जो भी लोग लंबी दूरी तय कर आ रहे हैं वे 14 फरवरी तक धाम पहुँच जाएं ताकि समय पर सभी कागजी और वैवाहिक औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने सभी को नियमों की जानकारी दी है। उन्होंने दूल्हे के परिवार वालों यानी समधियों को यह विशेष समझाइश दी कि वे घर आने वाली बहू को बेटी की तरह सम्मान दें और समाज में एक अच्छा संदेश भेजें।
सामाजिक समरसता और परंपरा का मेल
बागेश्वर धाम का यह सामूहिक विवाह महोत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है बल्कि यह सामाजिक समरसता का प्रतीक बन चुका है। यहाँ जाति और क्षेत्र की दीवारों को तोड़कर बेटियों का घर बसाया जाता है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान वर-वधू पक्ष के साथ हँसी-मजाक भी किया और गुलाल लगाकर उत्सव की खुशियाँ साझा कीं। धाम की ओर से की जा रही ये तैयारियाँ बताती हैं कि इस बार का महाशिवरात्रि महोत्सव न केवल भव्य होगा बल्कि कई गरीब परिवारों के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगा।













