MP cold wave update : दो दिन राहत, फिर ठिठुरन: मध्यप्रदेश के मौसम पर नया अपडेट
MP cold wave update : मध्यप्रदेश में फरवरी का मौसम एक बार फिर लोगों को चौंकाने वाला है। अभी जो हल्की राहत महसूस हो रही है, वह ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। अगले दो दिन दिन के तापमान में बढ़ोतरी जरूर होगी, लेकिन इसके बाद पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं पूरे प्रदेश में फिर से ठिठुरन बढ़ा देंगी। खास बात यह है कि इस पूरे दौर में बारिश के कोई संकेत नहीं हैं, यानी ठंड सूखी और ज्यादा चुभने वाली हो सकती है।
दो दिन सुकून, फिर अचानक ठिठुरन
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में 48 घंटे तक दिन और रात के तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। 11 और 12 फरवरी को ज्यादातर इलाकों में तेज धूप निकलेगी, जिससे दोपहर के समय ठंड का असर कम लगेगा।
लेकिन यह बदलाव अस्थायी है। 13 फरवरी के बाद जैसे ही उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में जमी बर्फ पिघलने लगेगी, वहां से सीधी ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इन हवाओं का असर सबसे पहले उत्तरी हिस्सों में दिखेगा और फिर धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैल जाएगा।
पहाड़ों की बर्फ और सर्द हवाओं का असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फरवरी के मध्य में ऐसा उतार-चढ़ाव सामान्य है, लेकिन इस बार ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा सकता है। ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड जैसे इलाकों में 13 से 15 फरवरी के बीच रात का तापमान तेजी से गिर सकता है। सुबह और रात के समय सर्द हवाएं लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर देंगी।
प्रदेश में कई जगह पारा 10 डिग्री से नीचे
बीती रात मध्यप्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। कटनी जिले का करौंदी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 5.9 डिग्री तक पहुंच गया। शहडोल, खजुराहो, पचमढ़ी और अमरकंटक जैसे इलाकों में भी रातें काफी ठंडी रहीं।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी रात का पारा 10 से 12 डिग्री के बीच बना हुआ है। राजधानी भोपाल में दिन में धूप निकलने से तापमान 25 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, लेकिन सुबह-शाम ठंड साफ महसूस हो रही है। इंदौर में मौसम पूरी तरह शुष्क है, दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का मेल देखने को मिल रहा है।
ग्वालियर-चंबल में सबसे ज्यादा असर
उत्तर भारत के नजदीक होने की वजह से ग्वालियर और चंबल संभाग में ठंड का असर सबसे पहले दिखाई देगा। 13 फरवरी के बाद यहां कोहरा और शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। राहत की बात यह है कि फिलहाल बारिश या ओलावृष्टि की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में फरवरी का दूसरा पखवाड़ा ठंड के लिहाज से फिर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दिन में धूप भले ही राहत दे, लेकिन रात और सुबह की ठंड लोगों को सतर्क रहने का संकेत दे रही है।












