मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत, एक साथ मिल सकती हैं दो सरकारी किस्तें
CM Kisan Samman Nidhi Yojana : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और ऐसे समय में अगर सरकार की मदद समय पर मिल जाए, तो किसानों के लिए काम आसान हो जाता है। इसी बीच संकेत मिल रहे हैं कि राज्य के करीब 81 लाख किसान परिवारों को जल्द ही केंद्र और राज्य सरकार की दो अहम योजनाओं की अगली किस्त एक साथ मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो किसानों के खातों में सीधे एक अच्छी-खासी रकम पहुंचेगी, जो रबी सीजन के बीच उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकती है।
किसानों को एक साथ मिल सकती है केंद्र और राज्य की मदद
मध्य प्रदेश उन गिने-चुने राज्यों में शामिल है, जहां किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, दोनों का लाभ मिलता है। आमतौर पर दोनों योजनाओं की किस्तें अलग-अलग समय पर आती हैं, लेकिन इस बार संभावना जताई जा रही है कि दोनों की रकम लगभग एक ही समय पर जारी की जा सकती है। इससे किसानों को एकमुश्त आर्थिक सहारा मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त फरवरी महीने में जारी हो सकती है। वहीं, राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त देने की तैयारी में है। अगर दोनों किस्तें एक साथ आती हैं, तो किसानों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना क्या है
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
हर चार महीने में 2,000 रुपये की एक किस्त आती है, जिससे किसान बीज, खाद, दवा या अन्य जरूरी कृषि खर्च पूरे कर सकें। यह पैसा सीधे डीबीटी के जरिए ट्रांसफर होता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचती है।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से मिलता है अतिरिक्त सहारा
मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र की योजना के साथ किसानों को और मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र और पंजीकृत हैं।
राज्य सरकार इस योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त राशि देती है, जिससे साल भर में मिलने वाली कुल मदद बढ़ जाती है। इसका मकसद यही है कि किसान केवल केंद्र की सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि राज्य स्तर पर भी उन्हें सहयोग मिलता रहे।
एक साथ आए तो खाते में आ सकते हैं 4,000 रुपये
अगर केंद्र और राज्य सरकार दोनों अपनी-अपनी किस्तें एक साथ जारी करती हैं, तो पात्र किसानों के बैंक खाते में कुल 4,000 रुपये जमा हो सकते हैं। इसमें 2,000 रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के और 2,000 रुपये मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के हो सकते हैं।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से किस्त की राशि और तारीख को लेकर अंतिम घोषणा अभी बाकी है। इसके बावजूद, तैयारियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं और इसी वजह से किसानों के बीच उम्मीद बढ़ी हुई है।
रबी फसलों के लिए क्यों अहम है यह समय
इस समय रबी फसलों का दौर चल रहा है। गेहूं, चना, सरसों जैसी फसलों की खेती में खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर अच्छा-खासा खर्च आता है। ऐसे में अगर किसानों को फरवरी के आसपास आर्थिक सहायता मिल जाती है, तो वे बिना कर्ज लिए अपने जरूरी खर्च पूरे कर सकते हैं।
कई किसान इस रकम का इस्तेमाल उर्वरक खरीदने, फसल की देखभाल या पुराने कर्ज का कुछ हिस्सा चुकाने में भी करते हैं। यही वजह है कि किस्त का समय किसानों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितनी उसकी राशि।
पात्रता और दस्तावेज पूरे होना जरूरी
इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों का पात्र होना बेहद जरूरी है। जिन किसानों का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सूची में दर्ज है, वही आमतौर पर राज्य की योजना का भी लाभ उठा पाते हैं।
इसके साथ ही बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। अगर ई-केवाईसी अधूरी है या बैंक विवरण में कोई गलती है, तो किस्त अटक सकती है। यही कारण है कि प्रशासन बार-बार किसानों से अपने दस्तावेज जांचने की अपील करता है।
किस्त का स्टेटस कैसे जांचें
किसान अपनी किस्त से जुड़ी जानकारी खुद भी आसानी से जांच सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान पोर्टल पर जाकर स्टेटस देखा जा सकता है। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और बैंक डिटेल्स की जांच करवाई जा सकती है।













