मध्यप्रदेश में दिन की गर्मी और रात की ठंड, जानिए आपके शहर का ताजा तापमान
Bhopal weather update : मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का रंग थोड़ा अलग नजर आ रहा है। सुबह हल्की ठंड महसूस होती है, दोपहर तक धूप तेज हो जाती है और रात में फिर से गुलाबी ठंड लौट आती है। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर ने लोगों की दिनचर्या पर असर डालना शुरू कर दिया है। कहीं पंखा चलाने की जरूरत पड़ रही है तो कहीं अब भी सुबह-शाम स्वेटर काम आ रहा है।
मौसम विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि कुछ इलाकों में रात का पारा अब भी 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। यही वजह है कि राज्य में मौसम को लेकर एक तरह का मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है।
पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में बढ़ी गर्मी
भोपाल स्थित मौसम केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण दोपहर के समय गर्मी ज्यादा महसूस की जा रही है।
पश्चिम निमाड़ क्षेत्र के खरगोन और खंडवा जैसे जिलों में पारा 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। खरगोन में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो फिलहाल प्रदेश में सबसे अधिक है। खंडवा में 32.5 डिग्री और मंडला में भी लगभग 32.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब आसमान पूरी तरह साफ रहता है और बादल नहीं होते, तब सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंचती हैं। इससे दिन का तापमान तेजी से बढ़ता है। यही स्थिति अभी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रही है।
बुंदेलखंड और बघेलखंड में अब भी ठंडी रातें
जहां एक ओर पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बढ़ रही है, वहीं बुंदेलखंड और बघेलखंड क्षेत्रों में रात का मौसम अभी भी ठंडा है। इन इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंड बनी हुई है, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है।
प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम है। मैदानी क्षेत्रों में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 9.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
इस तरह दिन और रात के तापमान में करीब 20 डिग्री तक का अंतर कुछ जिलों में देखा जा रहा है। यह बदलाव खासकर उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण है जो सुबह जल्दी काम पर निकलते हैं और दोपहर में खुले वातावरण में रहते हैं।
उज्जैन में कम रही दृश्यता, नमी में भी बदलाव
मौसम के इस बदलते मिजाज का असर दृश्यता पर भी पड़ा है। उज्जैन में सुबह के समय विजिबिलिटी केवल 1 से 2 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। हल्की धुंध के कारण यातायात पर मामूली असर पड़ा।

ग्वालियर और भोपाल में भी मध्यम स्तर की धुंध देखी गई। ग्वालियर और बैतूल में सुबह के समय नमी लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। हालांकि शाम होते-होते यह घटकर 30 से 40 प्रतिशत के बीच आ गई।
नमी का स्तर अधिक होने पर ठंड का असर ज्यादा महसूस होता है, जबकि दोपहर में नमी कम होने से गर्मी अधिक लगती है। यही कारण है कि सुबह और शाम की तुलना में दोपहर का मौसम ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान
प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान का अंतर साफ दिखाई दे रहा है। भोपाल में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री और न्यूनतम 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में दिन का तापमान 30.3 डिग्री और रात का 13.6 डिग्री रहा।

ग्वालियर में अधिकतम 29.4 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में दिन का तापमान 29.5 डिग्री और रात का 13.5 डिग्री रहा। उज्जैन में अधिकतम 31 डिग्री और न्यूनतम 13.5 डिग्री दर्ज किया गया।
नर्मदापुरम में रात का तापमान 17.8 डिग्री रहा, जो अन्य शहरों की तुलना में थोड़ा अधिक है। वहीं रतलाम में अधिकतम 30.2 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज किया गया।
क्यों बढ़ रहा है तापमान
फरवरी के दूसरे सप्ताह में आमतौर पर सर्दी का असर कम होने लगता है और गर्मी की शुरुआत दिखाई देने लगती है। इस समय पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि कम होने और बादलों की अनुपस्थिति के कारण दिन का तापमान बढ़ता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में बादल या हल्की बारिश नहीं होती है, तो दिन का तापमान धीरे-धीरे और बढ़ सकता है। हालांकि रात के समय ठंड कुछ दिन और बनी रह सकती है, खासकर पहाड़ी और उत्तरी क्षेत्रों में।













