EPFO PF Transfer: नौकरी बदलने के बाद पुराने PF का पैसा ऐसे करें नए अकाउंट में ट्रांसफर, जानें
EPFO PF Transfer : करियर में कई बार नौकरी बदलनी पड़ती है, और हर बार कंपनी बदलने के साथ PF अकाउंट भी नया बन जाता है। नतीजा यह होता है कि आपका PF पैसा अलग-अलग Member ID में बंटा रह जाता है। कई लोग सोचते हैं कि नौकरी बदलते ही पुराना PF अपने आप नए अकाउंट में जुड़ जाएगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। EPFO ने इसके लिए एक ऑनलाइन सुविधा दी है, जिसकी मदद से घर बैठे पुराने PF को मौजूदा अकाउंट में ट्रांसफर किया जा सकता है। आगे जानिए पूरा प्रोसेस और जरूरी बातें।
पहले चेक करें ये जरूरी बातें
PF ट्रांसफर शुरू करने से पहले कुछ बातों की जांच जरूरी है। सबसे पहले देखें कि आपका पुराना और नया, दोनों PF अकाउंट एक ही UAN यानी Universal Account Number से जुड़े हैं या नहीं। इसके साथ ही आधार, PAN और बैंक अकाउंट से जुड़ी KYC जानकारी भी अपडेट और सही होनी चाहिए। अगर इसमें कोई गड़बड़ी है, तो ट्रांसफर रिक्वेस्ट अटक सकती है।
घर बैठे कैसे करें PF ट्रांसफर, स्टेप-बाय-स्टेप
पुराना PF ट्रांसफर करने के लिए EPFO के Member Portal पर जाना होता है। प्रोसेस कुछ इस तरह है:
- UAN और पासवर्ड की मदद से EPFO Member Portal पर लॉगिन करें
- Online Services सेक्शन में जाएं
- वहां 'One Member – One EPF Account (Transfer Request)' विकल्प चुनें
- स्क्रीन पर दिख रही पुरानी और मौजूदा PF Member ID को ध्यान से जांचें
- जिस पुराने अकाउंट का पैसा ट्रांसफर करना है, उसे सिलेक्ट करें
- जरूरी जानकारी भरने के बाद ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेम सबमिट करें
रिक्वेस्ट सबमिट होने के बाद पोर्टल पर उसका स्टेटस भी ट्रैक किया जा सकता है। EPFO की मौजूदा व्यवस्था में KYC, PF बैलेंस, योगदान, ट्रांसफर और ब्याज जैसी जानकारी एक ही जगह देखने की सुविधा है, जिससे क्लेम को वेरिफाई करना आसान हो जाता है।
Form 13 का क्या रोल है?
PF ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया में Form 13 अहम भूमिका निभाता है। इसी फॉर्म के जरिए पुराने PF अकाउंट की रकम मौजूदा अकाउंट में ट्रांसफर होती है, और इसमें दोनों अकाउंट की जानकारी दर्ज की जाती है। ट्रांसफर पूरा होने के बाद Annexure-K में ट्रांसफर की गई रकम और उससे जुड़ा पूरा ब्योरा देखा जा सकता है।
PF ट्रांसफर कराने से क्या फायदा होगा?
जिन लोगों ने कई कंपनियों में काम किया है, उनका PF पैसा अलग-अलग Member ID में बिखरा रह सकता है। पुराना PF मौजूदा अकाउंट में ट्रांसफर करने से रिकॉर्ड व्यवस्थित रहता है, और भविष्य में क्लेम या निकासी के वक्त अलग-अलग अकाउंट संभालने की झंझट कम हो जाती है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ PF ट्रांसफर करने भर से पेंशन की पात्रता या टैक्स में कोई खास फायदा अपने आप नहीं मिल जाता ये दोनों चीजें संबंधित नियमों और कर्मचारी की पात्रता पर निर्भर करती हैं।
ट्रांसफर रिक्वेस्ट का स्टेटस कैसे ट्रैक करें
ऑनलाइन रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद EPFO पोर्टल पर Track Claim Status विकल्प से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। तो अगर नौकरी बदलने के बाद आपका PF पुरानी कंपनी की Member ID में ही पड़ा है, तो सबसे पहले अपना UAN और KYC जांच लें। सब कुछ ठीक होने पर EPFO की ऑनलाइन सुविधा से आसानी से ट्रांसफर रिक्वेस्ट डाली जा सकती है।
