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पति-पत्नी मिलकर हर महीने बचाएं इतने रुपये, पोस्ट ऑफिस RD से 10 साल में बन सकता है 1 करोड़ का फंड

RD scheme for couples

RD scheme for couples : जिन घरों में पति और पत्नी दोनों नौकरी करते हैं, वहां पैसा बचाना अपेक्षाकृत आसान होता है, लेकिन ज्यादातर कपल इस मौके का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। सैलरी बढ़ने के साथ खर्चे भी उसी रफ्तार से बढ़ जाते हैं, और निवेश पीछे छूट जाता है। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम पर 6.7 फीसदी सालाना ब्याज दर तय की है, जिसे हर तीन महीने में वित्त मंत्रालय रिव्यू करता है। 

अगर पति-पत्नी दोनों मिलकर अनुशासन के साथ इस सरकारी स्कीम में हर महीने पैसा जमा करें, तो महज 10 साल में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार किया जा सकता है। यह जानकारी उन कपल्स के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से दूर रहकर सुरक्षित तरीके से बड़ी रकम जोड़ना चाहते हैं।

डबल इनकम का मतलब डबल खर्च नहीं

जब घर में दो सैलरी आ रही हों, तो एक आम गलती यह होती है कि लोग जीवनशैली को उसी अनुपात में महंगा बना लेते हैं। वित्तीय सलाहकार अक्सर सुझाव देते हैं कि अतिरिक्त इनकम को खर्च बढ़ाने की बजाय निवेश बढ़ाने में लगाया जाए। इससे न सिर्फ रिटायरमेंट के लिए बड़ा कोष तैयार होता है, बल्कि आर्थिक आजादी और समय से पहले रिटायरमेंट जैसे लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। कई कपल इसके उलट अपनी पूरी बचत जोखिम भरे शेयरों या ट्रेडिंग में लगा देते हैं, जहां मुनाफा तो दूर, मूलधन डूबने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में पोर्टफोलियो में एक हिस्सा गारंटीड रिटर्न वाली सरकारी योजना के लिए रखना समझदारी माना जाता है।

पोस्ट ऑफिस RD में निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं

पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम इंडिया पोस्ट द्वारा चलाई जाने वाली एक सरकार समर्थित बचत योजना है। इसमें खाता खुलवाना बेहद आसान है और न्यूनतम 100 रुपये प्रति माह से निवेश शुरू किया जा सकता है। खास बात यह है कि इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं की गई है, यानी क्षमता के अनुसार जितना चाहें उतना जमा किया जा सकता है।

 पति-पत्नी चाहें तो व्यक्तिगत खातों की बजाय एक जॉइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं, जिससे दोनों की बचत एक साथ एक ही जगह जमा होती रहे। इस खाते की मूल मैच्योरिटी अवधि 5 साल है, लेकिन आवेदन देकर इसे आगे 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है, यानी कुल 10 साल तक निवेश जारी रखा जा सकता है।

ब्याज दर सरकार तय करती है, हर तिमाही होती है समीक्षा

पोस्ट ऑफिस RD पर मिलने वाली ब्याज दर स्थिर नहीं रहती। केंद्र सरकार हर तीन महीने में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और जरूरत पड़ने पर बदलाव करती है। जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही के लिए यह दर 6.7 फीसदी सालाना बनी हुई है, जो तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि (कंपाउंडिंग) होती है। इस योजना की एक और सुविधा यह है कि नियमित किस्तें जमा करने के बाद जरूरत पड़ने पर खाताधारक इसके बदले लोन भी ले सकते हैं, जिससे यह स्कीम आपातकालीन जरूरतों के लिए भी थोड़ी लचीली बन जाती है।

कैसे तैयार होगा 1 करोड़ रुपये का फंड

मान लीजिए पति और पत्नी दोनों अपनी सैलरी से हर महीने 30-30 हजार रुपये अलग रखते हैं और मिलाकर कुल 60 हजार रुपये हर महीने पोस्ट ऑफिस RD खाते में जमा करते हैं। पहले 5 साल की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद इस अवधि को आगे 5 साल के लिए बढ़ा दिया जाए, तो कुल निवेश अवधि 10 साल हो जाती है।

इस हिसाब से 10 साल की अवधि पूरी होने पर कुल फंड एक करोड़ रुपये के पार पहुंच जाता है, जिसमें 72 लाख रुपये खुद की जमा पूंजी और करीब साढ़े 30 लाख रुपये सिर्फ ब्याज से मिलने वाली कमाई होगी। यही वह ताकत है जो अनुशासित और नियमित निवेश में होती है  बिना किसी बाजार जोखिम के भी बड़ा फंड बन सकता है।

किन बातों का रखें ध्यान

RD में निवेश शुरू करने से पहले घर के मासिक बजट को ठीक से समझ लेना जरूरी है, ताकि किस्त बीच में टूटे नहीं, क्योंकि किस्त चूकने पर पेनल्टी लगती है। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि RD से मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री नहीं है, इस पर आयकर स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है।