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शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे बिना मिलेगा पैसा: बैंक ऑफ बड़ौदा की नई 'bob PAL' सुविधा

Bank of Baroda bob PAL: बैंक ऑफ बड़ौदा की नई bob PAL सुविधा में शेयर, म्यूचुअल फंड और बॉन्ड गिरवी रखकर 1 लाख से 5 करोड़ रुपये तक ओवरड्राफ्ट मिल सकता है, वह भी निवेश बेचे बिना।
Bank of Baroda bob PAL

Bank of Baroda bob PAL: अगर आपके पास शेयर, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे निवेश हैं और अचानक पैसों की जरूरत पड़ गई है, तो हर बार निवेश बेच देना जरूरी नहीं है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने ऐसे ग्राहकों के लिए bob-PAL (Baroda Portfolio backed Approved Limit) सुविधा पेश की है।

इसमें पात्र ग्राहक अपनी योग्य सिक्योरिटीज को गिरवी रखकर ओवरड्राफ्ट सुविधा ले सकते हैं। बैंक की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस सुविधा में न्यूनतम सीमा ₹1 लाख है और कुल अधिकतम सीमा ₹5 करोड़ तक जा सकती है। हालांकि, वास्तविक सीमा इस बात पर निर्भर करेगी कि कौन-सी सिक्योरिटी गिरवी रखी जा रही है।

खास बात यह है कि ग्राहक को पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए अपने निवेश को तुरंत बेचने की जरूरत नहीं पड़ती। ओवरड्राफ्ट सुविधा में ब्याज भी इस्तेमाल की गई रकम पर लिया जाता है, पूरी स्वीकृत लिमिट पर नहीं।

bob-PAL क्या है और यह कैसे काम करता है?

सरल भाषा में समझें तो bob-PAL एक Loan Against Securities सुविधा है। ग्राहक अपनी पात्र और डीमैट रूप में रखी सिक्योरिटीज को बैंक के पास गिरवी रखता है। इसके आधार पर बैंक एक स्वीकृत ओवरड्राफ्ट लिमिट देता है। जरूरत के समय ग्राहक उस लिमिट में से रकम इस्तेमाल कर सकता है। बैंक के मुताबिक, इसका उद्देश्य निवेश को बेचे बिना तत्काल नकदी की जरूरत पूरी करना है।

यानी अगर आपके निवेश लंबे समय के लिए हैं, लेकिन बीच में अचानक पैसों की जरूरत आ गई, तो निवेश बेचने के बजाय उसके बदले क्रेडिट सुविधा लेने का विकल्प मौजूद रहता है।

कितने रुपये तक मिल सकता है लोन?

bob-PAL में न्यूनतम सुविधा ₹1 लाख से शुरू होती है। बैंक की मौजूदा जानकारी में अधिकतम कुल सीमा ₹5 करोड़ तक बताई गई है। हालांकि, सभी ग्राहकों को ₹5 करोड़ मिलेंगे, ऐसा नहीं है।

कितनी राशि मंजूर होगी, यह गिरवी रखी जाने वाली सिक्योरिटी, उसकी श्रेणी, बैंक के नियम, ग्राहक की पात्रता और अन्य शर्तों पर निर्भर करेगी। बैंक की वेबसाइट के अनुसार इक्विटी शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड, डिबेंचर और बॉन्ड जैसी सिक्योरिटीज के लिए अलग-अलग सीमा लागू होती है, जबकि कुछ डेट म्यूचुअल फंड के मामले में सीमा अधिक हो सकती है। इसलिए केवल पोर्टफोलियो की कुल वैल्यू देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि उतनी ही राशि का लोन मिल जाएगा।

किन निवेशों को गिरवी रखकर सुविधा ली जा सकती है?

बैंक ऑफ बड़ौदा की bob-PAL सुविधा में पात्र सिक्योरिटीज के तौर पर इक्विटी शेयर, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर, बॉन्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसी परिसंपत्तियां शामिल हैं। सिक्योरिटीज बैंक की स्वीकृत सूची और लागू नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। हर शेयर या हर म्यूचुअल फंड अपने आप लोन के लिए योग्य नहीं हो जाता। बैंक की approved securities list और लागू मार्जिन/Loan-to-Value नियम देखना जरूरी है।

डिजिटल तरीके से भी मिल सकती है सुविधा

bob-PAL की एक खासियत इसका डिजिटल प्रोसेस है। बैंक की मौजूदा वेबसाइट के अनुसार इसकी डिजिटल जर्नी फिलहाल NSDL डीमैट अकाउंट होल्डर्स के लिए उपलब्ध है।

इसका मतलब यह है कि पात्र ग्राहक डिजिटल प्रक्रिया के जरिए आवेदन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, अंतिम मंजूरी बैंक की पात्रता जांच, सिक्योरिटीज और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।

ब्याज कितना लगेगा?

bob-PAL की ब्याज दर ग्राहक के CIBIL स्कोर और बैंक के आंतरिक स्कोर के आधार पर तय होती है। बैंक की वेबसाइट पर वर्तमान प्रभावी दर 9.40% से 10.25% तक दिखाई गई है। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि दरों में बदलाव हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले मौजूदा दर और सभी शुल्क जरूर जांचने चाहिए।

यह सुविधा ओवरड्राफ्ट के रूप में है। इसलिए इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ग्राहक को इस्तेमाल की गई रकम पर ब्याज देना होता है। उदाहरण के तौर पर, अगर स्वीकृत लिमिट ₹10 लाख है लेकिन ग्राहक ने उसमें से केवल ₹3 लाख इस्तेमाल किए हैं, तो ब्याज की गणना सुविधा की शर्तों के अनुसार इस्तेमाल की गई राशि पर होगी, न कि पूरी ₹10 लाख की लिमिट पर।