LIC की ये पॉलिसी देगी बुढ़ापे में हर महीने कमाई, साथ में 100 साल तक बीमा कवर भी
LIC Jeevan Umang Plan: रिटायरमेंट के बाद हर महीने पैसों की चिंता किसी को भी परेशान कर सकती है. नौकरी छूटने के बाद जब तनख्वाह बंद हो जाती है, तब भी घर का खर्चा तो चलता ही रहता है. ऐसे में अगर कोई सरकारी योजना आपको बुढ़ापे में एक तय रकम हर साल देने की गारंटी दे, तो यह किसी राहत से कम नहीं. भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC की जीवन उमंग पॉलिसी कुछ ऐसा ही भरोसा अपने ग्राहकों को देती है.
यह कोई आम इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं है. इसमें आपको प्रीमियम एक तय समय तक भरना होता है, उसके बाद पूरी जिंदगी हर साल एक फिक्स इनकम मिलती रहती है. साथ ही बीमा कवर भी बना रहता है. सरकारी कंपनी होने की वजह से पैसा डूबने का खतरा भी लगभग नहीं के बराबर रहता है.
100 साल की उम्र तक बना रहता है सुरक्षा कवच
जीवन उमंग एक होल-लाइफ इंश्योरेंस प्लान है. आम पॉलिसियों की तरह यह 15 या 20 साल में खत्म नहीं होती. इसमें पॉलिसीधारक को 100 साल की उम्र तक जीवन बीमा कवर मिलता रहता है. यानी पॉलिसी की अवधि 100 में से आपकी एंट्री की उम्र घटाकर तय होती है.
जो लोग रिटायरमेंट के बाद एक तय और भरोसेमंद आमदनी चाहते हैं, उनके लिए यह योजना काफी काम की साबित होती है. जब तक पॉलिसीधारक जिंदा रहता है, यह प्लान उसकी जरूरतों का ध्यान रखता है, और उसके बाद परिवार को भी अकेला नहीं छोड़ता.
प्रीमियम भरने की अवधि आपके हाथ में
इस पॉलिसी की सबसे बड़ी खूबी इसका लचीलापन है. आप अपनी आमदनी और जरूरत के हिसाब से तय कर सकते हैं कि कितने साल तक प्रीमियम भरना है. LIC इसमें 15, 20, 25 या 30 साल की अवधि का विकल्प देती है.
चूंकि यह एक पार्टिसिपेटिंग प्लान है, इसलिए कंपनी के मुनाफे के हिसाब से पॉलिसीधारकों को समय-समय पर बोनस भी मिलता है. साल 2025-26 के लिए LIC ने रिवर्शनरी बोनस की दर भी तय कर दी है, जो हर साल पॉलिसी की वैल्यू बढ़ाने का काम करती है.
अब प्रीमियम पर भी मिल रही बड़ी राहत
यहां एक ताजा और बेहद काम की जानकारी है. सितंबर 2025 में सरकार ने जीवन बीमा पॉलिसियों पर लगने वाला जीएसटी पूरी तरह हटा दिया है. इसका मतलब यह है कि अब जीवन उमंग जैसी पॉलिसी पर पहले जो जीएसटी चुकाना पड़ता था, वह अब देना नहीं पड़ता. पहले टर्म और एंडोमेंट पॉलिसियों पर अलग-अलग दर से जीएसटी लगता था, अब वह पूरी तरह खत्म हो चुका है. सीधे शब्दों में कहें तो अब पहले से कम प्रीमियम में वही बीमा कवर मिल रहा है.
टैक्स बचाने में भी करती है मदद
निवेश और सुरक्षा के साथ-साथ यह पॉलिसी टैक्स बचाने में भी असरदार है. हर साल जमा किए गए प्रीमियम पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत छूट मिलती है. पॉलिसी मैच्योर होने पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स फ्री रहती है.
अगर किसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में पॉलिसीधारक की मौत हो जाती है, तो नॉमिनी को मिलने वाले डेथ बेनिफिट पर भी धारा 10(10D) के तहत कोई टैक्स नहीं लगता. इस तरह यह पॉलिसी परिवार पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ नहीं डालती.
परिवार को मिलती रहेगी नियमित आय
जीवन उमंग में डेथ बेनिफिट के भुगतान का तरीका भी काफी सहूलियत वाला रखा गया है. पॉलिसीधारक चाहे तो तय कर सकता है कि उसके न रहने पर नॉमिनी को पूरी रकम एक साथ मिले, या फिर किस्तों में.
अगर किस्तों का विकल्प चुना जाता है, तो नॉमिनी को 5, 10 या 15 साल की अवधि में यह रकम मिलती रहती है. इससे परिवार को मुश्किल समय में भी हर महीने की जरूरतें पूरी करने के लिए एकमुश्त बड़ी रकम संभालने की टेंशन नहीं रहती.
हर महीने कितना जमा करना होगा
LIC ने प्रीमियम भरने का तरीका भी हर आय वर्ग के लिए आसान बनाया है. आप मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना, जैसा चाहें वैसा भुगतान कर सकते हैं. मासिक प्रीमियम कम से कम 5,000 रुपये से शुरू होता है. तिमाही भुगतान के लिए न्यूनतम राशि 15,000 रुपये और छमाही के लिए 25,000 रुपये तय है. अगर आप साल में एक बार प्रीमियम भरना चाहते हैं, तो न्यूनतम रकम 50,000 रुपये है.
पॉलिसी लेने की उम्र सीमा भी तय है. इसमें 90 दिन की उम्र से लेकर अधिकतम 55 साल तक के लोग एंट्री ले सकते हैं, बशर्ते प्रीमियम भरने की अवधि पूरी होने पर उनकी उम्र 100 साल से ज्यादा न हो.
जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा भी
अगर बीच में पैसों की जरूरत आ जाए, तो पॉलिसीधारक इस पर लोन भी ले सकता है. साथ ही, अगर कोई पॉलिसी को बीच में बंद करना चाहे, तो कुछ साल प्रीमियम भरने के बाद सरेंडर करने का विकल्प भी मौजूद है, हालांकि समय से पहले सरेंडर करने पर मिलने वाली रकम आमतौर पर कम रहती है. इसलिए लंबी अवधि तक पॉलिसी चलाना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
किसके लिए है यह पॉलिसी सही
जो लोग बुढ़ापे में एक तय और गारंटीड आमदनी चाहते हैं, साथ ही अपने परिवार के लिए लंबी अवधि का बीमा कवर भी चाहते हैं, उनके लिए जीवन उमंग एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है. हालांकि किसी भी बड़ी पॉलिसी में पैसा लगाने से पहले अपनी जरूरत, बजट और भविष्य की योजना को ध्यान में रखते हुए LIC एजेंट या नजदीकी ब्रांच से पूरी जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए.
