UPI Payment Update: क्या अब UPI से पेमेंट करना पड़ेगा महंगा? जानिए MDR नियम, सरकार का नया प्रस्ताव और ग्राहकों पर क्या होगा असर
UPI Payment Update: अगर आप भी हर दिन किराना, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, होटल या किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके UPI से भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि अब UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है। कई लोग यह भी मान बैठे हैं कि QR कोड स्कैन करते ही जेब से अतिरिक्त पैसे कटेंगे।
लेकिन सच्चाई इससे अलग है।
सरकार ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में कुछ परिस्थितियों में व्यापारियों (Merchants) पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की बात सामने आई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार आम ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क लेने की अनुमति नहीं होगी।
UPI Payment Update में आखिर क्या बदलने वाला है?
भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम आज UPI बन चुका है। करोड़ों लोग हर दिन कुछ सेकंड में मोबाइल से भुगतान कर रहे हैं। इसी तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम को देखते हुए सरकार ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है।
इस प्रस्ताव के तहत भविष्य में कुछ निश्चित परिस्थितियों में व्यापारियों को बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को एक मामूली MDR शुल्क देना पड़ सकता है। हालांकि अभी यह केवल प्रस्तावित व्यवस्था है। अंतिम नियम लागू होने से पहले विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
क्या ग्राहकों को UPI पेमेंट पर अतिरिक्त पैसे देने होंगे?
यही सबसे बड़ा सवाल है। सरकार की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार यदि कोई ग्राहक दुकान से ₹3,000 का सामान खरीदता है और UPI से भुगतान करता है, तो उसे सिर्फ ₹3,000 ही देने होंगे।
दुकानदार ग्राहक से अलग से कोई अतिरिक्त MDR शुल्क नहीं वसूल सकेगा। यानी फिलहाल आम लोगों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह आसान और बिना अतिरिक्त शुल्क वाला ही रहेगा।
MDR क्या होता है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?
MDR यानी Merchant Discount Rate यह वह छोटा शुल्क होता है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है।
अगर आपने कभी डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से खरीदारी की है, तो संभव है कि उस लेनदेन पर व्यापारी पहले से ही MDR चुका रहा हो। अब इसी तरह की व्यवस्था कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर भी लागू करने का प्रस्ताव सामने आया है।
अभी UPI पर क्या नियम लागू हैं?
वर्तमान व्यवस्था में सामान्य UPI भुगतान पर कोई MDR नहीं लगता न ग्राहक से कोई शुल्क लिया जाता है और न ही व्यापारी को सामान्य UPI भुगतान पर MDR देना पड़ता है।
इसी वजह से UPI भारत का सबसे लोकप्रिय और कम लागत वाला डिजिटल भुगतान माध्यम बन गया है।
कब लग सकता है MDR?
फिलहाल इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। प्रस्ताव के अनुसार National Payments Corporation of India (NPCI) भविष्य में विस्तृत नियम जारी करेगा।
NPCI यह तय करेगा किस राशि से ऊपर MDR लागू होगा, किन व्यापारियों पर यह नियम लागू होगा और इसकी शुरुआत कब होगी।
सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR लागू होने की चर्चा जरूर चल रही है, लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऐसी किसी भी जानकारी को अंतिम नियम मानना सही नहीं होगा।
MDR कितना हो सकता है?
सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक दर घोषित नहीं की है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और उद्योग सूत्रों में 0.2% से 0.3% तक MDR होने की संभावना जताई जा रही है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यापारी को ₹10,000 का UPI भुगतान मिलता है और MDR 0.2% तय होता है, तो उसे लगभग ₹20 बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देने पड़ सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह राशि ग्राहक से नहीं बल्कि व्यापारी से जुड़ी होगी।
