रेलवे के भ्रष्टाचार पर सीबीआई की बड़ी चोट: सेक्शन इंजीनियर 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

Mp Crime News : जबलपुर सीबीआई ( केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे विभाग में पदस्थ एक सेक्शन इंजीनियर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले का है, जहां रेलवे के सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई ने धर दबोचा। यह घटना गुरुवार देर रात सागर के एक स्थानीय होटल में अंजाम दी गई। सीबीआई की इस कार्रवाई ने रेलवे विभाग में ठेकेदारों से वसूली के काले खेल को एक बार फिर उजागर कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई एक ठेकेदार की शिकायत पर शुरू हुई, जो लंबे समय से सागर रेल खंड में गिट्टी सप्लाई का काम कर रहा था। काम पूरा होने के बाद ठेकेदार ने विभाग में जमा अपनी सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) वापस मांगी, लेकिन रेलवे के सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने उसे अनावश्यक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। इंजीनियर ने ठेकेदार के सामने शर्त रखी कि यदि वह अपनी जमा राशि वापस पाना चाहता है, तो उसे एक लाख रुपये की घूस देनी होगी। बार-बार निवेदन करने के बावजूद जब इंजीनियर नहीं माना, तो ठेकेदार ने इसकी शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई के कार्यालय में की। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसका सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात पुख्ता हो गई, जिसके बाद सीबीआई की टीम ने इंजीनियर को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। इंजीनियर ने रिश्वत की राशि लेने के लिए ठेकेदार को गुरुवार देर रात सागर के पैराडाइज होटल बुलाया। सीबीआई की टीम पहले से ही उस होटल के आसपास सादे कपड़ों में तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने होटल के कमरे में इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला को रिश्वत की राशि सौंपी, सीबीआई के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद सीबीआई की टीम ने सेक्शन इंजीनियर को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। शुरुआती पूछताछ पूरी करने के बाद टीम उसे जबलपुर ले आई है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। सीबीआई ने आरोपी इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद से रेलवे के अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
