CBI Raid : पुलिस थाने के अंदर CBI की कार्रवाई: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत लेते पकड़ा गया, दो अन्य पुलिसकर्मी जांच के घेरे में
दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में CBI की कार्रवाई के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत लेते पकड़ा गया। दो अन्य पुलिसकर्मी जांच के घेरे में हैं, जबकि इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
CBI Raid : दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस बार मामला किसी बाहरी अपराधी का नहीं बल्कि पुलिस विभाग के भीतर का है। राजधानी के सुल्तानपुरी थाने में केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने अचानक दबिश देकर एक हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी को 20 हजार रुपये लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद दो अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के दायरे में आ गए हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आम तौर पर पुलिस छापेमारी करती है, लेकिन इस बार खुद पुलिस थाने के भीतर जांच एजेंसी ने ऑपरेशन चलाया। मामले ने दिल्ली पुलिस के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुल्तानपुरी थाने में देर रात CBI की टीम पहुंची
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात Central Bureau of Investigation की भ्रष्टाचार-रोधी इकाई ने Sultanpuri Police Station में अचानक छापा मारा। टीम पहले से मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर रही थी। आरोप था कि थाने में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल किसी व्यक्ति से मामले में राहत दिलाने के बदले पैसे मांग रहा था।
जांच एजेंसी ने शिकायत की पुष्टि करने के लिए ट्रैप लगाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लिए, CBI की टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान थाने के अंदर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
CBI अधिकारियों ने मौके पर ही शुरुआती पूछताछ शुरू कर दी और कई दस्तावेजों की भी जांच की। फिलहाल एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
दो अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के घेरे में
CBI की कार्रवाई के बाद सामने आया कि इस पूरे मामले में केवल एक हेड कॉन्स्टेबल की भूमिका नहीं हो सकती। इसलिए दो अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। एजेंसी यह जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग किसी बड़े नेटवर्क या संगठित तरीके से तो नहीं की जा रही थी।
जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या शिकायतकर्ता से पहले भी किसी प्रकार की रकम ली गई थी या फिर यह पहली बार की मांग थी। फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन जांच जारी है।
इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल भी भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार
इसी दौरान एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर Deepak Phalswal का नाम भी चर्चा में है। उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में कुछ दिन पहले Central Bureau of Investigation ने गिरफ्तार किया था।
शुक्रवार को उनकी पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद उन्हें Rouse Avenue Court में पेश किया गया। अदालत में उनके वकीलों ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है और उसे राहत दी जानी चाहिए।
दूसरी ओर CBI ने अदालत से आग्रह किया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए ताकि आगे की जांच प्रभावित न हो।
दो करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
CBI के अनुसार, इंस्पेक्टर दीपक फल्सवाल के खिलाफ 10 मार्च को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि उन्होंने एक व्यक्ति से करीब दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
आरोप है कि यह रकम इस बात के बदले मांगी गई थी कि एजेंसी में दर्ज शिकायत पर आगे कोई कार्रवाई न की जाए। शिकायत मिलने के बाद CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। फिलहाल अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है। अब इस मामले में आगे का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।













