देश के बड़े हिस्से में पहुंचा मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली-राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
aaj ka mausam 16 june : भारत के मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई नए क्षेत्रों में पहुंच चुका है। 15 जून को यह आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओड़िशा और तेलंगाना के अनेक हिस्सों में दाखिल हो गया है।
अब 16 जून को देश भर में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना है। उत्तरी भारत में धूल भरी आंधी का कहर ढा सकता है। यह बदलता मौसम किसान, यात्री और आम जनता सभी को प्रभावित करने वाला है। आइए समझते हैं कि आने वाले दिनों में किन-किन इलाकों में कैसा मौसम रहने वाला है।
मानसून की दक्षिण-पश्चिम यात्रा तेज हो रही है
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा अपडेट बताती है कि मानसून पूरे देश में अपनी गति बढ़ाता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में यह बारिश का मौसम कई नए इलाकों में घुस गया है। पूर्वी भारत के इलाकों में अब मानसून की मुख्य सक्रियता देखने को मिल रही है। यह गर्मी की तपिश से राहत देने वाला साबित हो रहा है।
मानसून की इस तेजी का असर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकता है। एक तरफ यह खेतों के लिए जरूरी पानी ला रहा है, तो दूसरी तरफ बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ा रहा है। पिछले सप्ताह के आंकड़ों को देखें तो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। लेकिन अब जून के आधे महीने में मानसून की रफ्तार बढ़ गई है।
पूर्वी भारत में अपेक्षित भारी बारिश
बिहार, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में IMD ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में 16 जून को अकेले और बिखरे हुए इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के विशेषज्ञ इस बात को लेकर सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं कि बाढ़ प्रवण इलाकों के निवासियों को अलर्ट पर रहना चाहिए।
असम और मेघालय में तो स्थिति और भी गंभीर है। यहां 17 से 19 जून तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। ये राज्य पहले से ही मानसून की भारी बारिश के लिए जाने जाते हैं। स्थानीय प्रशासन पहले से ही आपातकालीन उपाय कर रहा है। सड़कों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां आइसोलेटेड हेवी टू वेरी हेवी रेनफॉल (अत्यधिक भारी बारिश) की चेतावनी दी गई है। उप-हिमालयी इलाकों में यह बारिश भूस्खलन का कारण बन सकती है। दार्जिलिंग और कालिंपॉन्ग जैसे पहाड़ी इलाकों के लिए यह खासतौर पर खतरनाक साबित हो सकता है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भारी बारिश
दक्षिण भारत में भी मानसून की व्यापक गतिविधि नजर आ रही है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में 16 जून को भारी बारिश के आसार हैं। केरल तो अपने मानसूनी मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता सामान्य से ज्यादा हो सकती है।
दक्षिणी राज्यों में यह बारिश मूंगफली, नारियल और काजू की फसलों के लिए महत्वपूर्ण है। किसान इस मानसून की बाट देख रहे हैं क्योंकि इससे उनकी खरीफ फसल की बुवाई सही समय पर हो सकेगी। पर इसके साथ ही खेतों में जल भराव का खतरा भी बना हुआ है।
उत्तर-पश्चिम में तेज आंधी और गर्जना-चमक
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 16 जून को काफी तेज मौसम का दौर आने वाला है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है। यह स्थिति कई बार खतरनाक साबित हो सकती है। इलेक्ट्रीशियन और बिजली के तारों के पास काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल्ली जैसे शहरों में गर्मी से बहुत परेशान लोगों के लिए यह बारिश और हवा आराम का सबब बन सकती है। दिल्ली में पिछले दिनों तापमान 45 डिग्री से ऊपर चला गया था। 16 और 17 जून को तूफान के बाद तापमान में गिरावट आने से जनजीवन में कुछ राहत मिलेगी।
18 से 20 जून के बीच फिर से इसी तरह का तेज मौसम आने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में जनता को इन दिनों के लिए तैयार रहना होगा। पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली के खंभे गिरने और घरों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं हो सकती हैं।
राजस्थान में भीषण धूल भरी आंधी का खतरा
पश्चिमी राजस्थान के लिए 16 जून को सबसे ज्यादा खतरे की चेतावनी दी गई है। यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी अंधड़ चल सकता है। इसके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यह केवल धूल भर नहीं है, बल्कि एक असली प्राकृतिक आपदा है।
जोधपुर, बीकानेर और बाड़मेर जैसे जिलों में यह आंधी तबाही मचा सकती है। छत की टाइलें उड़ जा सकती हैं, खेतों की फसलें बर्बाद हो सकती हैं और पशुओं को भी नुकसान पहुंच सकता है। राजस्थान में घर-घर में गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर चल रहे हैं, लेकिन अचानक आने वाली तूफान और आंधी इलेक्ट्रिकल सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
यह आंधी केवल रेत और धूल नहीं उड़ाएगी। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि भीषण धूल भरी आंधी के साथ गरज-चमक भी होगी। लोगों को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए, खिड़कियां बंद रखनी चाहिए और बाहर कामकाज को स्थगित करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में सुखद मौसम का आशीर्वाद
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 से 19 जून के बीच छिटपुट से हल्की बारिश का दौर रहेगा। यह राहत का सबब बनेगी। इस क्षेत्र में गर्मी से उत्पन्न चिपचिपी उमस से लोग परेशान थे। अब हल्की-फुल्की बारिश से तापमान में कमी आएगी और हवा में नमी बढ़ेगी, लेकिन उमस दूर हो जाएगी।
किसानों के लिए यह बारिश किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। खरीफ सीजन में धान और अन्य फसलों की बुवाई के लिए पानी जरूरी होता है। यूपी के कृषि अधिकारियों के अनुसार मई-जून में कम बारिश होने से किसान चिंतिত थे। अब यह हल्की बारिश उनके खेतों को तैयार करने में मदद करेगी।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत के ये चारों राज्य भी मानसून के असर में आने वाले हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 जून को अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। ये राज्य अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण मानसून से सबसे पहले प्रभावित होते हैं।
यहां की पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन पहले से ही अपने रेडी अलर्ट पर हैं। महामारी और मौसमी घटनाओं के बीच ये इलाके हमेशा संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं।
