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Aaj Ka Mausam : 16 अगस्त से कई राज्यों में बारिश तेज, UP-MP और पहाड़ी इलाकों के लिए IMD का बड़ा अपडेट जानें अपने राज्य का हाल

Aaj Ka Mausam 16 august

Aaj Ka Mausam 16 august : 16 अगस्त की सुबह जैसे ही दिल्ली-एनसीआर के लोगों की आंख खुली, बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं ने पूरे इलाके का मिजाज बदल दिया। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और यह सिर्फ दिल्ली की बात नहीं है। देश के 22 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का खतरा मंडरा रहा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक इस बार मानसून की सक्रियता के पीछे एक नहीं बल्कि दो मौसमी सिस्टम काम कर रहे हैं। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के निचले वायुमंडल में एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, वहीं दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर भी एक ऐसा ही चक्रवातीय दबाव सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम के आपस में मिलने से मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी और तटीय राज्यों तक मानसूनी हवाओं में जबरदस्त तेजी आ गई है।

दिल्ली-एनसीआर में आज कैसा रहेगा हाल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लिए मौसम विभाग ने खास एहतियात बरतने को कहा है। दिनभर घने बादल छाए रहने का अनुमान है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका जताई गई है। बारिश से उमस से राहत तो मिलेगी, मगर तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

निचले इलाकों, अंडरपासों और व्यस्त चौराहों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। दृश्यता कम होने से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन ने बिजली के खंभों, बड़े होर्डिंग्स, कमजोर पुराने मकानों और घने पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त सलाह दी है।

उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में भी अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या समेत दो दर्जन से ज्यादा जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है। लखनऊ में तापमान 31 डिग्री अधिकतम और 27 डिग्री न्यूनतम रहने का अनुमान जताया गया है।

पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा और चंडीगढ़ जैसे शहरों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है, तो हरियाणा के खेतों में तेज आंधी से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। राजस्थान के अलवर, कोटा, अजमेर और भरतपुर में भी भारी बारिश दर्ज हो सकती है, जबकि जयपुर का तापमान 33 डिग्री और 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और आसपास के जिलों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय, 16-19 अगस्त अहम

मध्य प्रदेश के लिए भी मौसम पूरी तरह शांत होने के संकेत नहीं हैं। IMD के 16 अगस्त के बुलेटिन के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 अगस्त को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16-19 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का सबसे बड़ा खतरा

पहाड़ों पर यह मौसम सामान्य आंधी-बारिश से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। उत्तराखंड के नैनीताल, हरिद्वार, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है। देहरादून में तापमान 28 डिग्री और 24 डिग्री के आसपास रहेगा।


हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन में भी 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर पारा 17 डिग्री तक लुढ़क सकता है। पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वालों और यहां घूमने जा रहे पर्यटकों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि भूस्खलन से रास्ते अचानक बंद हो सकते हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत भी मानसून की चपेट में

बिहार की राजधानी पटना समेत गया, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया जैसे जिलों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अलर्ट है। झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर में भी 16 और 17 अगस्त को आंधी की चेतावनी जारी हुई है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 अगस्त तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा बताया गया है।

दक्षिण भारत में भी थमेगा नहीं बारिश का सिलसिला

दक्षिण भारत में भी 21 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के तटीय इलाकों में 18 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है।


16 अगस्त से 21 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर पर बारिश का असर दिखेगा। मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी भारत में बंगाल, ओडिशा और झारखंड के लिए अगले कुछ दिन खास महत्व रखते हैं। पूर्वोत्तर में भी बारिश की गतिविधि बनी रहेगी।