कानपुर में 41 साल की शादी के बाद बुजुर्ग पति का छलका दर्द, डीएम साहब के सामने खोली घर की कहानी
Kanpur News : अरे भाई, कभी-कभी जिंदगी ऐसी पहेली बन जाती है कि इंसान समझ ही नहीं पाता कि सही क्या है और गलत क्या। कानपुर में हाल ही में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। सोशल मीडिया पर भी ये खबर काफी चर्चा में है। मामला कानपूर के डीएम साहब के जनता दर्शन का है, जहां एक बुजुर्ग शख्स ने अपनी पत्नी पर ऐसे-ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं कि पूछिए मत।
41 साल का रिश्ता और जूतों से पिटाई का गंभीर आरोप
इस बुजुर्ग पति की उम्र हो चली है और शादी को पूरे 41 साल बीत चुके हैं। आमतौर पर इस उम्र में लोग अपने परिवार के साथ आराम की जिंदगी जीते हैं। लेकिन इस बुजुर्ग का कहना है कि उसकी जिंदगी नर्क बन चुकी है। उसने डीएम साहब को दिए गए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उसकी पत्नी उसके साथ मारपीट करती है। हद तो तब हो गई जब उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे जूतों से तक पीटती है।
खून-पसीने की कमाई से बनाया घर, मिला क्या?
बुजुर्ग ने बड़े ही दर्द भरे शब्दों में बताया कि उसने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई परिवार को पालने में लगा दी। उसने अपना खेत तक बेचकर पक्का मकान बनवाया। बच्चों को पढ़ाया-लिखाया और तीनों बेटों की शादी भी कर दी। इतना ही नहीं, उसने अपनी पत्नी के नाम पर जमीन भी खरीदी थी। लेकिन आज हालत यह है कि उसे घर से बेघर कर दिया गया है और वह पनकी के रैन बसेरे में रहने को मजबूर है।
घर से निकाले जाने और मारपीट की पूरी दास्तान
पति का यह भी आरोप है कि उसकी पत्नी उसे घर से दूर भगा देने की धमकी देती है। वह कहती है कि उसके हाथ-पैर तुड़वा देगी। बुजुर्ग ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि जब किसी तीसरे शख्स का फोन आता है, तो पत्नी का बर्ताव बदल जाता है, जिससे उसे मानसिक तनाव होता है। परिवार के कुछ अन्य लोगों पर भी मारपीट करने और उसकी झोपड़ी गिराने का आरोप लगाया गया है।
डीएम साहब ने दिए जांच के आदेश
जब बुजुर्ग की कहीं नहीं सुनी गई, तो वह सीधे कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के पास पहुंच गया। डीएम साहब ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रार्थना पत्र को तुरंत प्रोबेशन विभाग के पास भेज दिया है।
साथ ही सख्त निर्देश दिए हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करके जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए। बुजुर्ग की बस इतनी सी मांग है कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
