नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़: कर्ज चुकाने के नाम पर थमाए जाली नोट, तीन गिरफ्तार
Chhattisgarh crime news : कर्ज मांगने गया शख्स जब बदले में एक बैग लेकर लौटा, तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसके हाथ में असली नहीं, बल्कि साढ़े चार लाख रुपये के जाली नोट हैं। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में सामने आए इस मामले ने पुलिस को एक ऐसे गैंग तक पहुंचाया, जो घर बैठे रंगीन प्रिंटर से नोट छापकर बाजार में खपाने की तैयारी में था।
शिकायत से खुला पूरा राज
मामले की शुरुआत कमराखोल गांव के रहने वाले दिनेश कुमार यादव की शिकायत से हुई। दिनेश ने पोंडी पुलिस चौकी में बताया कि उसने अप्रैल महीने में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपये उधार दिए थे। जब उसने रकम वापस मांगी, तो घुरवा राम ने कहा कि पैसे सतीश कुमार के जरिए भिजवा दिए जाएंगे।
इसके बाद सतीश ने दिनेश को पोंडी स्थित एक शराब भट्ठी के पास बुलाया। 9 अगस्त की रात करीब नौ बजे दिनेश अपने साथी कैलाश चंद्रवंशी के साथ वहां पहुंचा। सतीश अपने एक दोस्त के साथ पहले से मौजूद था। बातचीत के बाद सतीश ने काले रंग के बैग में रकम सौंप दी।
नोट हाथ में आते ही कुछ गड़बड़ महसूस हुई। जांचने पर पता चला कि बैग में 500-500 रुपये के जो नोट थे, वे असली नहीं बल्कि जाली थे। कुल मिलाकर साढ़े चार लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इसके बाद दिनेश सीधे पुलिस चौकी पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।
जांच में खुली प्रिंटर से नोट छापने की कहानी
शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान एक अहम कड़ी हाथ लगी। पता चला कि आरोपियों ने 13 जुलाई को ही एक रंगीन प्रिंटर खरीदा था। इसके तुरंत बाद रामप्रसाद उर्फ रमऊ ने नए बस स्टैंड के पास एक कमरा किराए पर लिया।
यही कमरा गैंग का ठिकाना बना। यहीं बैठकर तीनों आरोपी गुपचुप तरीके से नकली नोट तैयार करते थे। पुलिस के मुताबिक तैयार किए गए नोटों को अलग-अलग तरीकों से बाजार में उतारने की योजना बनाई जा रही थी। उधारी चुकाने के बहाने नकली नोट थमाना भी इसी योजना का हिस्सा निकला।
तलाशी में मिले 12.50 लाख के जाली नोट
पुलिस ने तीनों आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर तलाशी ली। सतीश कुमार के पास से 2 लाख रुपये, रामप्रसाद उर्फ रमऊ के पास से 4.50 लाख रुपये और घुरवा राम के पास से 1.50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इसमें शिकायतकर्ता से मिले साढ़े चार लाख रुपये के नोट जोड़ने पर कुल रकम 12.50 लाख रुपये तक पहुंच गई।

नोटों के अलावा पुलिस ने मौके से एक कलर प्रिंटर-कम-फोटोकॉपी मशीन, आरोपियों के मोबाइल फोन और एक टाटा पंच इलेक्ट्रिक कार भी जब्त की है। यह वाहन गैंग की गतिविधियों में आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने का शक है।
तीनों गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें कवर्धा थाना क्षेत्र के मजगांव रोड निवासी 33 वर्षीय सतीश कुमार, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के तालपुर निवासी 56 वर्षीय रामप्रसाद उर्फ रमऊ और पिपरिया थाना क्षेत्र के कान्हाभैरा निवासी घुरवा राम शामिल हैं। तीनों के खिलाफ चौकी पोंडी और थाना बोड़ला में मामला दर्ज किया गया है।
साइबर टीम और पोंडी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
कबीरधाम पुलिस के मुताबिक कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में चौकी पोंडी पुलिस और साइबर टीम ने कार्रवाई की।
जांच में साइबर टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पुलिस अब बरामद मोबाइल, वाहन और अन्य सामग्री के आधार पर आरोपियों के संपर्कों तथा कथित नेटवर्क से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
