खौफनाक साजिश: पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी संग रची ऐसी कहानी, गले के निशान ने खोल दिया सारा कच्चा-चिट्ठा
UP crime updates : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से रिश्तों को कलंकित कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। यहां एक शादीशुदा महिला ने अपने ही सुहाग को हमेशा के लिए मिटाने की ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसे देखकर शातिर से शातिर अपराधी भी हैरान रह जाएं। मामला कोतवाली क्षेत्र के भलुआही वार्ड नंबर आठ का है, जहां प्यार और विश्वास के रिश्ते खून से रंग गए। एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया और अपनों ने ही अपनों की सांसें हमेशा के लिए थाम दीं।
घटना की शुरुआत एक रात पहले होती है जब घर के भीतर सब कुछ शांत नजर आ रहा था। संदीप गौतम नाम के युवक की उम्र महज सत्ताईस साल थी और उसके परिवार में दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी थे। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना वाली रात संदीप और उसकी पत्नी वंदना के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी।
बात इतनी बढ़ी कि घर में तनाव का माहौल बन गया। इसके बाद संदीप ने माहौल को सामान्य करने की कोशिश में बाहर से शराब और मीट का इंतजाम किया और घर पर ही खाना बना। रात के वक्त तक घर के अंदर से तीखी बहस की आवाजें आ रही थीं, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह आवाजें हमेशा के लिए खामोश होने वाली हैं।
आरोप है कि उसी रात वंदना ने अपने कथित प्रेमी राजेश कुमार के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। राजेश कुमार मृतक के परिवार का ही दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है और हैरानी की बात यह है कि वह पिछले करीब दो हफ्तों से इसी घर में मेहमान बनकर रह रहा था। प्यार में अंधी हो चुकी पत्नी ने अपने ही घर में शरण पाने वाले शख्स के साथ मिलकर अपने पति के गले को गमछे से कस दिया।
जब तक संदीप दम तोड़ता रहा, तब तक दोनों के दिल में जरा भी रहम नहीं आया। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला यह खेल रात के अंधेरे में चुपचाप खेला गया और सुबह होने तक सब कुछ सामान्य दिखाने की तैयारी शुरू हो गई।
महिला ने सबूत मिटाने का ऐसा नायाब तरीका सोचा जो फिल्मों में भी कम ही देखने को मिलता है। हत्या को अंजाम देने के बाद सुबह होते ही वंदना ने घर के आंगन और उस जगह की गोबर से लिपाई-पुताई शुरू कर दी जहां वारदात को अंजाम दिया गया था।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि खून के धब्बे या संघर्ष के कोई भी निशान बाकी न रहें और आने-जाने वाले लोगों को यह लगे कि यह आम दिनों की तरह घर की साफ-सफाई चल रही है। कातिल को लगा कि उसने हर सुराग को हमेशा के लिए छिपा दिया है, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
सुबह जब काफी देर तक संदीप बिस्तर से नहीं उठा तो पत्नी ने अपने ससुर के पास जाकर यह झूठा नाटक शुरू किया कि उसका बेटा उठ नहीं रहा है। घरवाले इसे अचानक आई किसी बीमारी या सामान्य मौत मानकर मातम मनाने लगे और बिना किसी देरी के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई।
अर्थी सजाने और श्मशान ले जाने की सुगबुगाहट के बीच कुछ पड़ोसियों और घर की महिलाओं की नजर संदीप के गले पर पड़ी। गले पर पड़े गहरे निशान देखकर महिलाओं के मन में शक की सुई घूम गई। बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई, और यहीं से इस पूरी साजिश की परतें उखड़ने लगीं।
सूचना मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ मौके पर जा पहुंचा। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस अधिकारियों को मामला पूरी तरह संदिग्ध नजर आया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के पिता की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने फौरन आरोपी पत्नी वंदना और उसके प्रेमी राजेश कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी पत्नी को तो दबोच लिया है, लेकिन उसका प्रेमी राजेश अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने सबसे ज्यादा किसी बेकसूर को दर्द दिया है, तो वे हैं घर के दो मासूम बच्चे। संदीप की चार साल की बेटी और दो साल के बेटे के सिर से अब हमेशा के लिए पिता का साया उठ चुका है। वे बच्चे अभी इस बात को समझ भी नहीं पा रहे हैं कि उनके साथ क्या हुआ है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। कानून अपना काम कर रहा है और कातिलों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस के हाथ तेजी से बढ़ रहे हैं।
