DA Hike 2026: जुलाई से 63% होगा महंगाई भत्ता, जानें सैलरी में कितना आएगा उछाल
Mp Big News,DA Hike 2026 : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत की खबर लगभग तय मानी जा रही है। जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) को लेकर अब कोई अटकल नहीं बची है, क्योंकि जरूरी आंकड़े सामने आ चुके हैं।
लेबर ब्यूरो के डेटा के मुताबिक DA मौजूदा 60% से बढ़कर 63% हो सकता है, यानी 3 फीसदी का इजाफा। यह बढ़ोतरी करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों की जेब पर सीधा असर डालेगी।
अब तक कैबिनेट की औपचारिक मुहर नहीं लगी है, इसलिए यह आंकड़ा अभी पक्का होते हुए भी आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है। सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में DA रिवाइज करती है, लेकिन घोषणा अक्सर कुछ महीने बाद आती है। इस बार भी सितंबर की बैठक में DA पर फैसला नहीं हो सका, जिससे अब नजरें अक्टूबर की कैबिनेट बैठक पर टिक गई हैं।
जुलाई से 63% DA लगभग तय, आंकड़े क्या कहते हैं
DA की गणना All India Consumer Price Index for Industrial Workers (AICPI-IW) के 12 महीने के औसत पर आधारित होती है। जुलाई 2026 की बढ़ोतरी के लिए जुलाई 2025 से जून 2026 तक का डेटा गिना जाता है।
लेबर ब्यूरो ने जून 2026 का आंकड़ा जारी कर दिया है, जो 151.9 अंक पर रहा। इसी आंकड़े के साथ पूरा 12 महीने का हिसाब पूरा हो गया है, और तय फॉर्मूले के हिसाब से नतीजा 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के रूप में सामने आता है।
इसका मतलब है कि DA 60% से बढ़कर 63% होने की पूरी संभावना है। ध्यान देने वाली बात यह है कि असल गणना में आंकड़ा 63% से थोड़ा ज्यादा बैठता है, लेकिन नियम के मुताबिक दशमलव के बाद की गिनती को हटाकर पूर्णांक में गोल किया जाता है, इसलिए अंतिम आंकड़ा 63% ही रहने की उम्मीद है।
जनवरी में मिली थी 2% की राहत
केंद्र सरकार साल में दो बार DA में बदलाव करती है, एक जनवरी से और दूसरा जुलाई से लागू होता है। 2026 की शुरुआत में सरकार ने DA में 2 फीसदी का इजाफा किया था, जिससे यह 58% से बढ़कर 60% हो गया था। यह फैसला अप्रैल 2026 में कैबिनेट ने मंजूर किया था। अब जुलाई की किस्त का इंतजार है, और आंकड़ों के हिसाब से इस बार बढ़ोतरी पिछली बार से ज्यादा रहने वाली है।
कैबिनेट की मंजूरी में देरी क्यों हो रही है
आंकड़े साफ होने के बावजूद DA की बढ़ोतरी तभी लागू मानी जाती है जब केंद्रीय कैबिनेट इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दे। सितंबर के पहले हफ्ते में हुई कैबिनेट बैठक में रेलवे की मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, लेकिन DA पर कोई फैसला नहीं हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब यह फैसला नवरात्रि के आसपास अक्टूबर में हो सकता है, जो कि पिछले सालों के पैटर्न से भी मेल खाता है।
देरी की एक वजह यह भी है कि पिछले कुछ सालों में जुलाई की DA बढ़ोतरी की घोषणा अक्सर सितंबर के अंत या अक्टूबर में ही हुई है, दिवाली या त्योहारी सीजन से ठीक पहले। मंजूरी मिलने के बाद फाइनेंस मिनिस्ट्री का ऑफिस मेमोरेंडम जारी होगा, जिसमें सही तारीख और एरियर की जानकारी होगी।
जब घोषणा होगी, कब तक मिलेगा एरियर
चूंकि DA की नई दर 1 जुलाई 2026 से मानी जाएगी, लेकिन घोषणा उसके बाद होगी, इसलिए बीच के महीनों का पैसा एरियर के तौर पर एक साथ मिलेगा। अगर अक्टूबर में मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर, यानी तीन महीने का बकाया एक साथ खाते में आएगा। पेंशनभोगियों के लिए भी Dearness Relief (DR) उसी दर और उसी तारीख से लागू होगी, जो सर्विंग कर्मचारियों के DA के बराबर होती है।
सैलरी में कितना फर्क पड़ेगा
DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी का सीधा असर बेसिक पे पर निर्भर करता है। अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे 18,000 रुपये है, तो 60% DA के हिसाब से उसे अभी 10,800 रुपये मिलते हैं। 63% होने पर यह रकम 11,340 रुपये हो जाएगी, यानी करीब 540 रुपये महीने का सीधा फायदा।
25,500 रुपये बेसिक पे वाले कर्मचारी का DA 15,300 रुपये से बढ़कर 16,065 रुपये हो सकता है। 35,400 रुपये बेसिक पे पर यह 21,240 रुपये से बढ़कर 22,302 रुपये तक जाएगा। वहीं 44,900 रुपये बेसिक पे वालों को 26,940 रुपये की जगह करीब 28,287 रुपये मिल सकते हैं।
यह सिर्फ DA का हिसाब है। असल इन-हैंड सैलरी शहर की कैटेगरी, HRA, NPS या GPF कटौती और दूसरे भत्तों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। चूंकि DA पहले से 50% के पार जा चुका है, इसलिए इस बढ़ोतरी से HRA की दरों में कोई नया बदलाव नहीं होगा।
8वें वेतन आयोग
DA के साथ-साथ कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीद 8वें वेतन आयोग से जुड़ी है। आयोग के स्तर पर सलाह-मशविरे की प्रक्रिया अभी चल रही है। कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि Fitment Factor को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर करीब 3.83 किया जाए, ताकि नए वेतनमान में बड़ा इजाफा हो सके।
हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में 1.60 के फिटमेंट फैक्टर का भी जिक्र आया है, लेकिन यह आंकड़ा अलग-अलग स्रोतों में मेल नहीं खाता, इसलिए इसे अभी पुष्ट नहीं माना जा सकता। जब तक आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपता, तब तक अंतिम आंकड़ों पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
