Kerala Monsoon Arrival Date 2026 : केरल में झमाझम बारिश के बीच मानसून की एंट्री पर नया अपडेट, IMD ने बताई नई संभावित तारीख

Kerala Monsoon Arrival Date 2026 : केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम समेत राज्य के कई हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। सड़कों पर जलभराव है, कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी आधिकारिक तौर पर केरल नहीं पहुंचा, तो फिर इतनी तेज बारिश क्यों हो रही है? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब मानसून की एंट्री को लेकर नया अपडेट जारी किया है और बताया है कि फिलहाल केरल में जो बारिश हो रही है, वह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, केरल में अभी जो भारी बारिश हो रही है, वह तकनीकी रूप से मानसून नहीं, बल्कि प्री-मानसून गतिविधियां हैं। दक्षिण अरब सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) के कारण केरल और लक्षद्वीप में यह तेज बारिश रिकॉर्ड की जा रही है। यह मौसमी सिस्टम फिलहाल मानसून की वास्तविक एंट्री के लिए आवश्यक परिस्थितियों को तैयार करने का काम कर रहा है। अक्सर लोग सोचते हैं कि जब बारिश हो रही है, तो विभाग मानसून के आगमन की घोषणा क्यों नहीं कर रहा है। असल में, IMD मानसून की आधिकारिक घोषणा के लिए कड़े वैज्ञानिक मापदंडों का पालन करता है। विभाग के मुताबिक, मानसूनी हवाएं अभी अपनी पूरी गति पकड़ने की प्रक्रिया में हैं। https://twitter.com/ANI/status/2059860186853265591 मानसून के आगमन की पुष्टि तभी की जाती है जब निश्चित वेदर स्टेशनों पर लगातार बारिश, विंड फील्ड (हवाओं का रुख) में बदलाव और आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन जैसे प्रमुख पैरामीटर्स सभी शर्तों को पूरा करते हैं। वर्तमान में ये परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं, लेकिन अभी तक सभी मानक पूर्ण रूप से खरे नहीं उतरे हैं। IMD ने अपने पिछले अनुमानों में बदलाव करते हुए अब मानसून के केरल पहुंचने की नई संभावित तारीख 28 मई से 3 जून के बीच बताई है। विभाग का कहना है कि यह पूरी तरह से मानसूनी हवाओं के मजबूत होने पर निर्भर करेगा। https://www.youtube.com/watch?v=NsRB5LbXqQo&time_continue=0&source_ve_path=NzY3NTg&embeds_referring_euri=https%3A%2F%2Fmausam.imd.gov.in%2F अच्छी खबर यह है कि मानसून का प्रवाह साउथवेस्ट और साउथईस्ट अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। हालांकि मानसून की गति अभी थोड़ी सुस्त महसूस हो रही है, लेकिन इसकी दिशा लगातार आगे की ओर बनी हुई है।
