Lucknow Expressway Accident : कंटेनर से टकराई डबल डेकर बस, ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत, 25 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से झुलसे
Lucknow Expressway Accident : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मटसेना थाना क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 43 के पास शुक्रवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कानपुर से गुड़गांव (गुरुग्राम) जा रही एक स्लीपर डबल डेकर प्राइवेट बस ने आगे चल रहे एक कंटेनर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के अगले हिस्से में तुरंत आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में बस ड्राइवर की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि बस में सवार दो दर्जन से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, यूपिडा (UPEIDA) की रेस्क्यू टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। खिड़कियों के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया और तुरंत शिकोहाबाद के जिला अस्पताल और आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां कई यात्रियों की हालत नाजुक बनी हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब बस में सवार ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्राइवेट ट्रैवल कंपनी की यह डबल डेकर बस कानपुर से सवारियां लेकर गुड़गांव के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस फिरोजाबाद के मटसेना इलाके में पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे मालवाहक कंटेनर में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर होते ही बस के केबिन में जोरदार धमाका हुआ और चंद सेकंड में आग की लपटें उठने लगीं। जब तक सो रहे यात्रियों को कुछ समझ आता, पूरी बस धुएं और आग के गुबार से घिर चुकी थी। हादसे के वक्त बस की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण टक्कर होते ही बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और केबिन पिचक गया। ड्राइवर स्टीयरिंग और सीट के बीच में ही फंस गया। आग इतनी तेजी से फैली कि ड्राइवर को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस प्रशासन ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसकी शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रही यूपिडा की टीम और मटसेना थाने की पुलिस बल मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बस के आपातकालीन दरवाजे और खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। झुलसे हुए यात्रियों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में डॉक्टरों का कहना है कि करीब आधा दर्जन यात्री 50 फीसदी से ज्यादा झुलस चुके हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
