Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Country

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: घूसखोरी के ऑडियो वायरल होने के बाद दो सब इंस्पेक्टर निलंबित


Chhattisgarh News Today : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस विभाग के भीतर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट से जुड़े एक मामले में रिश्वत मांगने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने दो सब इंस्पेक्टरों (SI) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब सोशल मीडिया पर रिश्वत की बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हो गया। दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोनों अधिकारियों को रक्षित केंद्र अटैच कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू पर एक महिला को एनडीपीएस मामले में राहत दिलाने के नाम पर उसकी बेटी से 50 हजार रुपये की मांग करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता जसबीर का दावा है कि उसकी मां को बिना किसी ठोस आधार के इस मामले में फंसाया गया था। आरोप है कि महिला की बेटी पर दबाव बनाया गया और काम निपटाने के एवज में रुपयों की मांग की गई। जसबीर ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में उसे साइबर क्राइम से जुड़े लोगों के जरिए भी संपर्क किया गया और कुल 2 लाख रुपये मांगे गए थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो

इस पूरे मामले के सार्वजनिक होने की मुख्य वजह सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो क्लिप्स हैं। इन ऑडियो में कथित तौर पर सब इंस्पेक्टर और शिकायतकर्ता के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर बातचीत हो रही है। एक ऑडियो में स्पष्ट रूप से पैसों की रकम को लेकर मोलभाव सुनाई दे रहा है, पुलिस की बड़ी कार्रवाई: घूसखोरी के ऑडियो वायरल होने के बाद दो सब इंस्पेक्टर निलंबित जबकि दूसरे ऑडियो में पुलिस की कार्यप्रणाली और झूठा केस दर्ज करने पर सवाल उठाए गए हैं। जैसे ही ये ऑडियो वायरल हुए, स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया और पुलिस की छवि पर सवाल उठने लगे।

जांच में मिली संदिग्ध भूमिका

ऑडियो के वायरल होने के बाद दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रारंभिक जांच शुरू की। इस जांच में पुरानी भिलाई थाने के सब इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर देव लाल साहू की भूमिका संदिग्ध पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, विभागीय नियमों का पालन नहीं करने और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने के कारण एसएसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया।