Pre-Monsoon Rain Update : दिल्ली और उत्तर
भारत के मैदानी इलाकों में पिछले कई दिनों से चल रही लू और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों के लिए राहत की घड़ी आ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। इस हफ्ते देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं, जिसके चलते दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। यह बदलाव न केवल तापमान में गिरावट लाएगा, बल्कि उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आम जनमानस को काफी सुकून देगा।
उत्तर भारत में सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के निवासी अब भीषण गर्मी से निजात पा सकेंगे। मौसम विभाग के विशेषज्ञों की मानें तो एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के राज्यों में अगले दो-तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। दिल्ली एनसीआर में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं, साथ ही तेज हवाएं चलने से दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाएं गर्मी के असर को कम कर देंगी।
राजस्थान और मध्य भारत में धूल भरी आंधी के साथ बारिश
राजस्थान और आसपास के राज्यों में लंबे समय से शुष्क मौसम का दौर चल रहा था, लेकिन अब वहां भी बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने और उसके बाद गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। पंजाब और हरियाणा में भी मौसम सुहाना होने वाला है। मध्य प्रदेश की बात करें तो राज्य के कई हिस्सों में अब प्री-मानसून की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। तेज हवाओं के कारण फसलों और जनजीवन पर गर्मी का जो दुष्प्रभाव पड़ रहा था, उससे राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी मानसून की दस्तक
केवल उत्तर और मध्य भारत ही नहीं, बल्कि पश्चिम और दक्षिण भारत में भी
मानसून के आगमन की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में बादल छाने शुरू हो गए हैं, जिससे वहां बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक और अधिक सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि यह समय किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्री-मानसून बारिश कृषि कार्यों के लिए बेहद मददगार साबित होती है।