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दिल्ली समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड-महाराष्ट्र में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी


दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार तय समय से करीब पांच दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा, लेकिन इसके सक्रिय होते ही मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया। मौसम विभाग का कहना है कि राजधानी में 7 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

किन राज्यों में आज बारिश का अलर्ट?

आईएमडी के अनुसार शुक्रवार को उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
  • दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
  • उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट।
  • बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना।
  • उत्तराखंड में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
  • कोंकण, गोवा, दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में रेड अलर्ट।

यूपी और बिहार में अगले 48 घंटे अहम

उत्तर प्रदेश में कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, रायबरेली सहित कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। इससे तापमान में कमी आएगी, लेकिन जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहेगा। बिहार में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। खासकर उत्तर बिहार के जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम

राजस्थान के जयपुर, कोटा और आसपास के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। लंबे समय से पड़ रही गर्मी के बाद यह बारिश राहत लेकर आएगी, हालांकि शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। मध्य प्रदेश में भी कई जिलों में बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदियों-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी बढ़ाई है और जरूरत पड़ने पर यात्रा अस्थायी रूप से रोकी भी जा सकती है।

महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में रेड अलर्ट

पश्चिमी तटीय राज्यों में मानसून अपने चरम पर है। कोंकण, गोवा, दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसी कारण इन क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

बारिश से राहत भी, चुनौती भी

देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश ने भीषण गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन कई क्षेत्रों में यही बारिश अब चुनौती बनती दिखाई दे रही है। शहरी इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थितियां प्रशासन की चिंता बढ़ा रही हैं। कृषि क्षेत्र के लिए यह मानसूनी बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का यह सबसे अहम समय है। पर्याप्त वर्षा से खेती को फायदा मिलेगा, लेकिन अत्यधिक बारिश फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। ऐसे में मौसम के बदलते रुख पर किसानों और स्थानीय प्रशासन दोनों की नजर बनी हुई है।