- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी खर्च और ईंधन बचाने के लिए अपने एसपीजी काफिले को 50% छोटा करने का निर्देश दिया।
- पीएम मोदी हाल ही में बेहद कम गाड़ियों के साथ सेवा तीर्थ पहुंचे, जहां सुरक्षा की 'ब्लू बुक' का पूरा पालन किया गया।
- गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपने काफिले का आकार घटाकर आधे से कम कर दिया है।
SPG Convoy Rules Change : देश में वी
आईपी संस्कृति को कम करने और सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। हाल ही में, पश्चिम एशिया के संकट के बीच ईंधन बचाने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विशेष सुरक्षा दल (SPG) के काफिले में वाहनों की संख्या को 50 फीसदी तक कम करने का सीधा निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री के इस फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले छोटे कर दिए हैं। सुरक्षा के कड़े नियमों (ब्लू बुक) का पूरा पालन करते हुए इस बड़े बदलाव को जमीन पर उतारा गया है, ताकि देश के सामने सादगी और बचत का एक मजबूत उदाहरण पेश किया जा सके।
पीएम मोदी की अपील और जमीन पर दिखने लगा असर
प्रधानमंत्री मोदी की इस नई पहल का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हाल ही में जब वे सेवा तीर्थ पहुंचे, तो उनके काफिले में पहले की तुलना में बेहद कम यानी सिर्फ चार गाड़ियां शामिल थीं। दिल्ली से बाहर गुजरात और असम के हालिया दौरों में भी प्रधानमंत्री के काफिले का आकार काफी छोटा नजर आया। दरअसल, हैदराबाद की एक रैली में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करने की अपील की थी। उन्होंने नागरिकों को शहरों में मेट्रो रेल, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का अधिक उपयोग करने की सलाह दी थी। https://twitter.com/ANI/status/2054431538096558141 अपने इसी संदेश को खुद पर लागू करते हुए प्रधानमंत्री ने एसपीजी को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया जाए। हालांकि, उन्होंने इसके लिए नए वाहन खरीदने से साफ मना कर दिया है ताकि सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
सुरक्षा नियमों से नहीं हुआ कोई समझौता
प्रधानमंत्री के इस निर्देश के बाद एसपीजी ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। चूंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा का मामला बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि काफिला छोटा करने के दौरान 'ब्लू बुक' में निर्धारित अनिवार्य सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। https://twitter.com/BJP4India/status/2054446953501687958 सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य रखते हुए ही वाहनों की संख्या आधी की गई है। इस बड़े बदलाव के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में अन्य सरकारी विभागों के खर्चों पर भी बड़ी कैंची चल सकती है।
अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी एक्शन में
प्रधानमंत्री की इस मुहिम का असर सिर्फ केंद्र तक ही सीमित नहीं रहा। गृह मंत्री अमित शाह ने भी तुरंत कदम उठाते हुए अपने काफिले का आकार घटाकर आधे से भी कम कर दिया है। इसके साथ ही, भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस बचत अभियान को हाथों-हाथ लिया है। https://twitter.com/PTI_News/status/2054409862982074704 दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों से केवल आवश्यकता के अनुरूप ही न्यूनतम वाहनों का उपयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि विभागीय कामकाज के लिए गाड़ियों की संख्या सीमित रखी जाए और सभी लोग कारपूल या सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। इसी क्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा सुबह दिल्ली मेट्रो में सफर करते नजर आए। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में केवल जरूरत पड़ने पर ही एक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे।
मध्य प्रदेश में वीआईपी काफिले पर पाबंदी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री द्वारा सुझाए गए इन उपायों को राज्य में तुरंत लागू कर दिया है। कैबिनेट की बैठक में उन्होंने अपने मंत्रियों से राष्ट्रीय हित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की। अगले आदेश तक लागू की गई इस व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री के काफिले में पहले चलने वाले 13 वाहनों की जगह अब केवल 8 वाहन ही शामिल होंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री या मंत्रियों की यात्राओं के दौरान किसी भी प्रकार की वाहन रैलियों के आयोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2054226223392608611 राज्य सरकार ने नव नियुक्त निगम और बोर्ड के अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे बेहद सादगी से अपना पदभार ग्रहण करें और किसी भी तरह का शक्ति प्रदर्शन या गाड़ियों का हुजूम इकट्ठा न करें।