Tamil Nadu CM ; तमिलनाडु की राजनीति में लंबे
समय से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय ने शनिवार सुबह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन के बाद उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल से मुलाकात और विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद विजय को सरकार गठन का न्योता मिला। समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे, जबकि प्रोटोकॉल के तहत निवर्तमान मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को भी आमंत्रित किया गया था।
फिल्मी दुनिया से सत्ता के केंद्र तक विजय का सफर
तमिल सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले थलपति विजय पिछले कुछ वर्षों से राजनीति में सक्रिय थे। उनकी पार्टी टीवीके ने विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच वीसीके तथा आईयूएमएल का समर्थन हासिल कर लिया। इसके बाद सरकार गठन का रास्ता साफ हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने युवाओं, शहरी वोटरों और पहली बार मतदान करने वाले लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।
शपथ ग्रहण का समय बदला, सुबह 10 बजे हुआ समारोह
पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ का समय दोपहर 3:45 बजे तय किया गया था। बाद में ज्योतिषीय सलाह के आधार पर इसे बदलकर सुबह 10 बजे कर दिया गया। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में समर्थक और राजनीतिक नेता पहुंचे। https://twitter.com/ANI/status/2053346931997602256 समारोह के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विजय के समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्टेडियम के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मिला सरकार बनाने का न्योता
9 मई को विजय ने राजभवन पहुंचकर तमिलनाडु के राज्यपाल से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने टीवीके विधायक दल का नेता चुने जाने का पत्र सौंपा। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए सरकार बनाने का निमंत्रण दिया। साथ ही नई सरकार को 13 मई 2026 या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत साबित करने के लिए कहा गया है। अब सभी की नजर विधानसभा फ्लोर टेस्ट पर टिकी हुई है।
राहुल गांधी की मौजूदगी ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे विपक्षी दलों के बीच भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। https://twitter.com/ANI/status/2053340922046488715 हालांकि अभी तक किसी औपचारिक राजनीतिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन समारोह में कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने राष्ट्रीय राजनीति में नई अटकलों को जन्म दिया है।
पीएम मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी थलपति विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। इसके अलावा श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने भी विजय को शुभकामनाएं भेजीं। https://twitter.com/narendramodi/status/2053345345418252731 विशेषज्ञों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रही है। दक्षिण भारत के साथ-साथ श्रीलंका के तमिल समुदाय में भी उनकी मजबूत पहचान है। यही वजह है कि उनके मुख्यमंत्री बनने की खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही। https://twitter.com/anuradisanayake/status/2053338330398646731
पिता एस. ए. चंद्रशेखर ने जताई खुशी
विजय के मुख्यमंत्री बनने पर उनके पिता और फिल्म निर्देशक एस. ए. चंद्रशेखर ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि तमिल लोगों के लिए भी खास पल है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। मैंने जो कुछ भी किया, वह अपने बेटे के लिए किया। आखिरकार विजय के जरिए तमिल लोगों को सफलता मिली है।”
तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में टीवीके की सरकार बनना राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विजय के सामने अब चुनावी वादों को जमीन पर उतारने, सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखने और विधानसभा में बहुमत साबित करने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। आने वाले दिनों में उनकी सरकार की प्राथमिकताओं पर सभी की नजर रहेगी।