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Aaj ka mausam: 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी, हिमाचल-उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट

Aaj ka mausam

Aaj ka mausam: देश में मॉनसून इस समय पूरे शबाब पर है। 9 अगस्त 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के करीब 17 राज्यों के लिए बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के केरल तक और पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिमी राज्यों तक, हर तरफ बादल बरसने को तैयार हैं। 

कहीं यह बारिश राहत लेकर आ रही है तो कहीं यह आफत बनकर टूट रही है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है, वहीं मैदानी इलाकों में नदियां उफान पर हैं। आइए जानते हैं कि आज आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

दिल्ली-एनसीआर में उमस के बीच राहत की बूंदें

राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। खास बात यह है कि यह हल्का-फुल्का बारिश का दौर केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा। 

मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी, यानी उमस भरी गर्मी से फिलहाल पूरी राहत मिलने के आसार कम ही हैं। पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी आज तेज बारिश का अलर्ट है, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, कुछ जगहों पर यह रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

यूपी-बिहार में नदियां उफान पर, दर्जनों जिलों में अलर्ट

उत्तर प्रदेश में आज मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। पश्चिमी यूपी के करीब 20 जिलों में येलो अलर्ट है, जिनमें नोएडा, आगरा, मथुरा, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे शहर शामिल हैं। वहीं पूर्वी यूपी के कानपुर, प्रयागराज, झांसी, इटावा, फिरोजाबाद, सोनभद्र, मिर्जापुर, गाजीपुर और बलिया जैसे जिलों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

बिहार की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राज्य में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है, जिससे प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा, अमरनाथ यात्रा रुकी

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम ने सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखाया है। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। हिमाचल के कुछ पहाड़ी इलाकों में 10 और 11 अगस्त को स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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 हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ यात्रा को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए स्थानीय प्रशासन पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही को लेकर लगातार अपडेट जारी कर रहा है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में भी बरसेंगे बादल

राजस्थान में मॉनसून पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है। पूर्वी राजस्थान में आज भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बौछारें पड़ने की आशंका है। मध्य प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर पहले से ही जारी है और अगले कुछ दिनों तक इसमें कमी आने के आसार नहीं हैं। गुजरात के सौराष्ट्र, कच्छ और मराठवाड़ा से सटे इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर तो रौनक है, लेकिन शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।

केरल और दक्षिण भारत में हाई अलर्ट

दक्षिण भारत का रुख करें तो केरल में मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में तेज बारिश की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया है। तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में समुद्र किनारे मछुआरों को फिलहाल समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं के चलते समुद्री हालात प्रतिकूल बने रह सकते हैं।

पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भी सतर्कता

असम, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कुछ निचले इलाकों में पहले से जमा पानी और नई बारिश मिलकर मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत टीमों को पहले से ही तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।