सराफा बाजार में मचा हड़कंप! शादियों के सीजन में सोना हुआ महंगा, चेक करें 18, 22 और 24 कैरेट के रेट्स
Gold Price 7 February 2026 : फरवरी के महीने में शादियों की रौनक अपने चरम पर है, लेकिन अगर आप इस दौरान गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज की खबर आपके बजट को थोड़ा हिला सकती है। शनिवार, 7 फरवरी 2026 की सुबह सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक ऐसी छलांग लगाई है जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया है।
कल तक जो भाव थोड़े स्थिर लग रहे थे, आज उनमें हजारों रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि आपके शहर में सोने-चांदी के नए दाम क्या हैं और आखिर किन वजहों से अचानक बाजार में यह तेजी देखने को मिल रही है।
सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल
आज सुबह जब सराफा बाजार खुला, तो कीमतों में भारी बदलाव देखने को मिला। सोने की कीमतों में प्रति दस ग्राम 2,890 रुपये की बड़ी तेजी आई है। यह उछाल पिछले कुछ महीनों के मुकाबले काफी ज्यादा माना जा रहा है। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी ने भी आज तेजी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम 10,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अगर हम कल यानी शुक्रवार 6 फरवरी की शाम की बात करें, तो उस समय 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,710 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि चांदी का भाव 2,75,000 रुपये प्रति किलो के आसपास था। आज सुबह की इस तेजी ने बाजार के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।
24 कैरेट से 18 कैरेट तक के ताजा भाव
बाजार में खरीदारी करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आप किस शुद्धता का सोना खरीद रहे हैं। आज यानी 7 फरवरी को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,56,600 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं अगर आप 22 कैरेट सोना, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर गहने बनाने में होता है, उसे खरीदना चाहते हैं तो उसका भाव 1,43,550 रुपये चल रहा है।
कम बजट वाले खरीदारों या हल्के गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने का रेट 1,17,450 रुपये दर्ज किया गया है। चांदी की बात करें तो आज यह 2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही है।
देश के प्रमुख शहरों में चांदी का हाल
भारत के अलग-अलग हिस्सों में चांदी की कीमतों में थोड़ा बहुत अंतर देखा जा सकता है। दिल्ली, मुंबई, जयपुर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में चांदी का भाव 2,85,000 रुपये प्रति किलो है। यही भाव पुणे, नागपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर में भी बना हुआ है। हालांकि, दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में कीमतों पर स्थानीय कारकों का असर साफ दिखता है। वहां की कीमतों में मेकिंग चार्ज, ट्रांसपोर्टेशन की लागत और डीलरों के प्रीमियम की वजह से थोड़ा अंतर आ जाता है। दक्षिण भारत के इन राज्यों में मांग भी काफी अधिक रहती है, जिससे वहां के स्थानीय भाव प्रभावित होते हैं।
18 कैरेट सोने के शहरवार दाम
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प होता है जो कम कीमत में सोने के गहने पहनना चाहते हैं। आज मेरठ, दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 18 कैरेट सोने का भाव 1,17,600 रुपये के आसपास है। मध्य भारत की बात करें तो इंदौर, भोपाल और अहमदाबाद में यह 1,17,500 रुपये प्रति दस ग्राम पर मिल रहा है। मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महानगरों में इसकी कीमत 1,17,450 रुपये है। चेन्नई और कोयंबटूर जैसे शहरों में 18 कैरेट सोना थोड़ा महंगा है, वहां इसकी कीमत 1,23,500 रुपये तक पहुंच गई है।
22 और 24 कैरेट सोने की नई कीमतें
शुद्धता के हिसाब से सोने की मांग सबसे ज्यादा 22 कैरेट में होती है। दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे उत्तर भारतीय शहरों में आज 22 कैरेट का भाव 1,43,700 रुपये है। वहीं, इंदौर और अहमदाबाद में यह 1,43,600 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर है। निवेश के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण 24 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली और जयपुर में यह 1,56,700 रुपये पर बिक रहा है। मुंबई और बेंगलुरु में इसकी कीमत 1,56,600 रुपये है। चेन्नई में 24 कैरेट का रेट 1,57,310 रुपये तक चला गया है, जिसके पीछे मुख्य कारण स्थानीय कर और अधिक डिमांड है।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें
सोने और चांदी के भाव केवल भारत के भीतर की गतिविधियों से तय नहीं होते, बल्कि इसमें वैश्विक घटनाओं की बड़ी भूमिका होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की डिमांड और अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी सीधे तौर पर हमारे यहां के सराफा बाजार को प्रभावित करती है। जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता या युद्ध जैसे हालात (भू-राजनीतिक तनाव) पैदा होते हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ भागते हैं। इससे मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर चली जाती हैं। इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक जब अपने रिजर्व में सोने की मात्रा बढ़ाते हैं, तब भी बाजार में तेजी का रुख रहता है।
भारतीय बाजार के स्थानीय कारण
अंतरराष्ट्रीय कारणों के साथ-साथ भारत के घरेलू कारण भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में कोई भी बदलाव सीधे आपकी जेब पर असर डालता है। इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने से भी सोना महंगा हो जाता है।
स्थानीय स्तर पर लगने वाला जीएसटी, मेकिंग चार्ज और दुकानदारों का मुनाफा भी हर शहर में अलग-अलग होता है। फिलहाल भारत में शादियों का सीजन चल रहा है, जिसके कारण गहनों की मांग बहुत ज्यादा है और मांग बढ़ने से कीमतों में स्वाभाविक उछाल देखने को मिलता है।













