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मध्य प्रदेश में 21 जिलों पर भारी बारिश का खतरा, तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

MP Weather 15 August 2026

  • 15 अगस्त को मध्यप्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
  • नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया के लिए ऑरेंज अलर्ट की रिपोर्ट सामने आई है।
  • सिंगरौली में पिछले 24 घंटे में 101.4 MM बारिश दर्ज होने की जानकारी है।

MP Weather 15 August 2026: स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच मध्य प्रदेश के आसमान का मिजाज कुछ अलग ही रंग दिखा रहा है। जहां पूरा देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, वहीं प्रदेश के कई जिलों में बादल जमकर बरसने की तैयारी में हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, और तीन जिलों को तो ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया  इन तीन जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होने की आशंका जताई गई है, जो किसी भी इलाके के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकती है। बाकी जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है, यानी सतर्कता जरूरी है, लेकिन खतरा उतना गंभीर नहीं जितना ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में इस वक्त हल्के से मध्यम बादल छाए हुए हैं, और आने वाले घंटों में यह स्थिति और बिगड़ सकती है।

बारिश की वजह क्या है

दरअसल, राज्य में इस समय एक लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय है, जिसकी वजह से लगातार भारी बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो शनिवार सुबह तक यह सिस्टम छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ जाएगा। वहां पहुंचकर यह कमजोर पड़ते हुए लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो जाएगा।

इसका सीधा असर मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों पर पड़ेगा। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि इस वजह से अगले तीन दिनों तक इन इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती घेरा भी पश्चिमी जिलों में बौछारों का सिलसिला बनाए रखेगा।

अब तक कितनी बारिश हुई

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश सिंगरौली जिले में दर्ज हुई है, जहां 101.4 मिलीमीटर पानी बरसा। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इतनी बारिश के बावजूद इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश अब भी अपने औसत से 13 प्रतिशत पीछे चल रहा है।

इसमें भी असमानता साफ नजर आती है  पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में यह कमी 7 प्रतिशत के आसपास है। यानी बारिश का यह असंतुलन खेती-किसानी और जल स्रोतों पर आने वाले महीनों में असर डाल सकता है, अगर यह कमी इसी तरह बनी रही।

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम

15 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 16 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के दो हिस्सों में मौसम की तस्वीर अलग-अलग रहने वाली है।

पूर्वी हिस्से के जिलों  नर्मदापुरम, उमरिया, छतरपुर, रायसेन, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, सागर और टीकमगढ़  में भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की आशंका है।

वहीं पश्चिमी हिस्से के जिलों  भोपाल, विदिशा, सिहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, दमोह, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा  में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी, हालांकि यहां भारी बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम है।

आज सबसे ज्यादा बारिश कहां होगी

शनिवार को निवाड़ी, रीवा और छतरपुर में सबसे तेज बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन जिलों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को। नदी-नालों के किनारे बसे इलाकों में जलभराव की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

देशभर की बात करें तो मौसम विभाग ने बताया है कि झारखंड के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए अगले 24 घंटों में कमजोर पड़ सकता है, लेकिन तब तक उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।