Indore fire news : ईवी कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट, सिलेंडर विस्फोट से 7 की मौत
आधी रात को बंगाली चौराहा क्षेत्र में हादसा, घर में रखे सिलेंडरों और केमिकल ने बढ़ाई आग की तीव्रता
Indore fire news । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। यह घटना शहर के बंगाली चौराहा क्षेत्र के पास एक मकान में हुई, जहां देर रात करीब 2:30 बजे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग भड़क उठी। आग तेजी से फैल गई और घर में मौजूद गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। इस हादसे में कई लोग घर के अंदर ही फंस गए, जिनमें से सात की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
कैसे हुआ हादसा
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घर में एक इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। आशंका है कि ओवरचार्जिंग के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लगी। घर के अंदर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और केमिकल सामग्री मौजूद थी, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
बताया जा रहा है कि घर में करीब 15 सिलेंडर रखे थे, जिनमें से लगभग पांच सिलेंडरों में विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
सोते हुए लोगों को नहीं मिला बचने का मौका
घटना के समय घर में करीब 11 लोग मौजूद थे। सभी लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम के बाद सो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चार लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि सात लोग अंदर ही फंस गए। इनमें महिलाएं, पुरुष और एक 12 वर्षीय बच्ची शामिल हैं।
पड़ोसियों ने सुनी धमाके की आवाज
स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात में अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। लोग घरों से बाहर निकलकर मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक मकान से आग की ऊंची लपटें उठ रही थीं। धुआं इतना घना था कि कोई अंदर जाकर बचाव नहीं कर सका।
इलेक्ट्रिक लॉक और बिजली बाधित होने से बढ़ी मुश्किल
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आग लगने के बाद घर की बिजली बंद हो गई थी। घर में लगे इलेक्ट्रिक लॉक काम नहीं कर पाए, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। कई लोगों की मौत आग से झुलसने और दम घुटने से हुई होने की आशंका है।
केमिकल कारोबार से जुड़ा था घर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मकान एक पॉलिमर केमिकल कारोबारी का बताया जा रहा है। घर में केमिकल सामग्री भी रखी गई थी। आशंका है कि आग पहले केमिकल तक पहुंची और फिर सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
सुबह तक चला राहत और बचाव कार्य
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम सुबह करीब 5 बजे मौके पर पहुंची। आग की तीव्रता के कारण शुरुआती समय में अंदर प्रवेश करना संभव नहीं था। आग पर काबू पाने के बाद दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सात लोगों को मृत घोषित किया गया।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई जाएगी। साथ ही, बढ़ते ईवी उपयोग को देखते हुए सुरक्षा मानकों (एसओपी) तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बचाव दल के अनुसार, कुछ शव घर के अंदर बैठे हुए अवस्था में मिले हैं, जिससे दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के सटीक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा।
मृतकों और घायलों की जानकारी
इस हादसे में 60 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर 12 वर्षीय बच्ची तक की जान चली गई। मृतकों में विजय सेठिया, छोटू सेठिया, सुमन, मनोज, सिमरन और राशि सेठिया शामिल हैं। वहीं, सौरभ पुगलिया, आशीष और हर्षित पुगलिया गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।













