इंदौर में प्रशासनिक फेरबदल: सीएम डॉ. मोहन यादव के दौरे से पहले कई एसडीएम बदले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले जिला प्रशासन ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी समेत कई अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए।
today Indore News : इंदौर में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। डॉ. मोहन यादव के दौरे से पूर्व जिला प्रशासन ने देर रात कई एसडीएम के तबादले के आदेश जारी किए। कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी आदेश में जूनी इंदौर के एसडीएम प्रदीप सोनी को देपालपुर भेज दिया गया है। उनके खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों और एक विवादित भूमि प्रकरण में जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय शिकायतों की समीक्षा और संबंधित मामलों में पाई गई लापरवाही के आधार पर लिया गया। आदेश देर रात जारी हुए, जिससे स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार और जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।
देर रात जारी हुए तबादला आदेश
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, जूनी इंदौर के एसडीएम रहे प्रदीप सोनी का तबादला देपालपुर कर दिया गया है। इसके साथ ही उनसे कॉलोनी सेल शाखा का प्रभार भी वापस ले लिया गया है।
नए आदेश में संयुक्त कलेक्टर रोशनी पाटीदार को वर्तनाम कार्य के साथ कॉलोनी सेल शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, घनश्याम धनगर को जूनी इंदौर का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। सांवेर में एसडीएम के रूप में राकेश मोहन त्रिपाठी को पदस्थ किया गया है।



प्रशासन का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन जिस समय यह निर्णय लिया गया, वह राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदीप सोनी पर लगे गंभीर आरोप
प्रदीप सोनी पर पिछले कुछ समय से भूमाफियाओं के साथ सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये मूल्य की सीलिंग की जमीन को सरकारी अभिलेखों में बदलाव कर निजी व्यक्ति को आवंटित करने की प्रक्रिया में अनियमितता हुई।
बताया गया कि संबंधित भूमि पर चंद्र लीला होटल और गार्डन संचालित है। मामले में यह भी आरोप सामने आया कि कलेक्टर द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भी आदेश जारी किए गए।
हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच में लापरवाही पाए जाने के संकेत मिलने के बाद प्रशासन ने पहले ही जूनी इंदौर के तहसीलदार, पटवारी और राजस्व निरीक्षक को हटा दिया था। अब उसी क्रम में एसडीएम स्तर पर भी कार्रवाई की गई है।













