सोने-चांदी के दाम में नया मोड़: गिरावट के बाद फिर तेजी, जानिए आपके शहर का ताज़ा रेट
सोने और चांदी की कीमतों में 17 मार्च 2026 को आई तेजी ने बाजार को प्रभावित किया है, जानिए अलग-अलग शहरों में क्या हैं ताजा रेट और निवेश पर असर
latest gold price india : मार्च के इस तीसरे हफ्ते में सराफा बाजार ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला। सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों और खरीदारों की नजरें दामों पर टिक गईं, क्योंकि कीमतों में यह बदलाव सीधे जेब और निवेश रणनीति दोनों को प्रभावित करता है। खासतौर पर शादी और त्योहारों के सीजन से पहले यह बढ़त कई लोगों के लिए चिंता और अवसर दोनों लेकर आई है।
17 मार्च 2026 को जारी ताज़ा दरों के अनुसार, सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम लगभग ₹1200 की बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही 24 कैरेट सोना ₹1,58,770 के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमतों में और भी तेज उछाल देखने को मिला, जहां प्रति किलो ₹5000 की वृद्धि के साथ भाव ₹2,75,000 तक पहुंच गया है। यह बदलाव सोमवार की तुलना में स्पष्ट रूप से बाजार की दिशा बदलने का संकेत देता है।
18 कैरेट सोने का ताज़ा भाव क्या है?
अगर हल्के गहनों या रोजमर्रा की ज्वेलरी की बात करें तो 18 कैरेट सोना सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आता है। आज के रेट के अनुसार उत्तर भारत के शहरों जैसे दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 18 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,19,120 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
मध्य भारत के शहर जैसे भोपाल और इंदौर में यह थोड़ा कम होकर करीब ₹1,19,020 पर बना हुआ है। वहीं मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महानगरों में यह कीमत ₹1,18,970 के आसपास है। दक्षिण भारत के शहरों में, खासकर चेन्नई और कोयंबटूर में, यह भाव ₹1,23,300 तक पहुंच गया है, जहां स्थानीय मांग और टैक्स के कारण कीमतों में फर्क देखने को मिलता है।
22 कैरेट सोने का आज का रेट क्या है?
भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा मांग 22 कैरेट सोने की रहती है क्योंकि यह गहनों के लिए उपयुक्त माना जाता है। आज के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में इसका भाव ₹1,45,550 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
भोपाल, इंदौर और अहमदाबाद में यह कीमत मामूली अंतर के साथ ₹1,45,450 दर्ज की गई है। वहीं मुंबई और कोलकाता में यह ₹1,45,400 के आसपास है। दक्षिण भारत के शहरों में 22 कैरेट सोना थोड़ा महंगा है और चेन्नई व कोयंबटूर में इसका भाव ₹1,46,500 तक पहुंच चुका है।
24 कैरेट सोने की कीमत में कितना बदलाव आया?
24 कैरेट सोना शुद्धता के मामले में सबसे आगे माना जाता है और निवेश के लिए इसे सबसे सुरक्षित विकल्प समझा जाता है। आज इसके दाम में तेज उछाल देखा गया है।
दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,58,770 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। भोपाल और इंदौर में यह थोड़ा कम होकर ₹1,58,670 है। वहीं मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में यह ₹1,58,620 के करीब दर्ज हुआ है।
दक्षिण भारत में सोने की कीमतें पारंपरिक रूप से थोड़ी ज्यादा रहती हैं। चेन्नई और कोयंबटूर में आज 24 कैरेट सोना ₹1,59,820 तक पहुंच गया है, जहां स्थानीय प्रीमियम और मांग का असर साफ दिखता है।
चांदी के दाम में ₹5000 की तेजी क्यों आई?
चांदी के बाजार में आज का दिन काफी सक्रिय रहा। एक ही दिन में ₹5000 प्रति किलो की बढ़त ने निवेशकों को चौंका दिया। दिल्ली, मुंबई, भोपाल, जयपुर और कोलकाता जैसे शहरों में चांदी का भाव ₹2,75,000 प्रति किलो दर्ज किया गया है।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों जैसे चेन्नई, हैदराबाद और केरल में यह कीमत और ज्यादा है, जहां यह ₹2,80,000 तक पहुंच गई है। इस अंतर के पीछे परिवहन लागत, स्थानीय टैक्स और औद्योगिक मांग प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकाव जैसे कई कारण इस उछाल के पीछे हो सकते हैं।
इसके अलावा शादी और त्योहारों का सीजन नजदीक आने से घरेलू मांग भी बढ़ रही है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है। चांदी के मामले में औद्योगिक उपयोग और निर्यात मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
क्या अभी सोना या चांदी खरीदना सही रहेगा?
यह सवाल आज हर निवेशक के मन में है। कीमतों में आई इस तेजी के बाद कई लोग खरीदारी को लेकर दुविधा में हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।
हालांकि, अल्पकालिक निवेश के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है। चांदी में तेजी अधिक है, लेकिन इसमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा रहता है।













