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बरगी बांध के आज खुलेगे 13 गेट,3,988 क्यूबिक मीटर (क्यूमेक) पानी छोड़ा जाएगा नर्मदा किनारे अलर्ट, MP-UP समेत कई राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी

मध्यप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय है। जबलपुर में बारिश के बाद बरगी बांध से पानी छोड़ा गया है और नर्मदा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर मानें।
Bargi Dam gates opened today

Bargi Dam gates opened today : नर्मदा किनारे रहने वालों के लिए आज का दिन थोड़ा सतर्क रहने वाला है। जबलपुर का बरगी बांध लबालब भर चुका है और प्रशासन ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। इसी बीच मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश समेत उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में तो हालात पहले से ही बिगड़े हुए हैं, वहां मानसून अब तक करीब दो सौ जिंदगियां लील चुका है।

अब तक बरगी बांध के 9 गेट खुले, नर्मदा में तेज उफान

मंडला और डिंडौरी जिलों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर बरगी बांध पर पड़ा है। जबलपुर में भले ही बारिश उतनी तेज न हुई हो, लेकिन ऊपरी इलाकों से पानी की आवक इतनी बढ़ गई कि बांध का जलस्तर तेजी से चढ़ने लगा। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर तक पहुंच गया था।

इसके बाद प्रबंधन ने कोई जोखिम नहीं लिया। 18 अगस्त की सुबह बांध के कुल 21 गेटों में से 9 गेट खोल दिए गए। हर गेट को करीब एक मीटर की ऊंचाई तक खोला गया, जिससे नर्मदा नदी में हर सेकंड करीब एक हजार क्यूमेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है।पानी का स्तर नियंत्रित करने के लिए, आज दोपहर 12:00 बजे से 13 स्लुइस गेट औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई तक खोले जाएंगे, जिससे प्रति सेकंड लगभग 3,988 क्यूबिक मीटर (क्यूमेक) पानी छोड़ा जाएगा। 

बांध प्रबंधन का कहना है कि गेट खुलने के बाद नर्मदा के घाटों पर पानी का स्तर तीन से चार फीट तक बढ़ सकता है। यही वजह है कि जबलपुर से लेकर नरसिंहपुर और नर्मदापुरम तक नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि घाटों और नदी के करीब जाने से फिलहाल बचें, खासकर सुबह और शाम के समय जब पानी अचानक बढ़ सकता है।

गौर करने वाली बात यह है कि 2025 में बरगी बांध के गेट इससे करीब तीन हफ्ते पहले, 6 जुलाई को ही खुल गए थे। इस बार मानसून जबलपुर में देर से मेहरबान हुआ, लेकिन पड़ोसी जिलों की बारिश ने बांध को जल्दी भर दिया।

आज मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी झारखंड के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से आज मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से सक्रिय हो गया है। सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह जिलों में अगले 24 घंटे में आठ इंच तक बारिश हो सकती है, इसलिए यहां अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

सिर्फ बारिश ही नहीं, आज देश के करीब पंद्रह राज्यों में साठ से सत्तर किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का भी अंदेशा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों में मौसम विभाग ने प्रशासन को पहले से अलर्ट रहने को कहा है।

हिमाचल में मानसून का कहर जारी, अब तक करीब दो सौ मौतें

पहाड़ों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश की तस्वीर सबसे ज्यादा डरावनी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक राज्य में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में करीब 197 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 116 मौतें सिर्फ सड़क हादसों में हुई हैं, जबकि बाकी भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में हुई हैं।

राज्य में फिलहाल 279 सड़कें बंद पड़ी हैं। बिजली और पानी की सप्लाई भी कई इलाकों में ठप है। मानसून से हुए कुल नुकसान का आंकड़ा अब एक हजार करोड़ रुपये के पार जा चुका है।

मौसम विभाग ने कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी सभी जिलों में येलो अलर्ट है। 21 अगस्त तक बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहने की आशंका जताई गई है।