पांच राज्यों में 3,000 किमी पीछा ,पत्नी की मौत के मामले में फरार आरोपी जयपुर से गिरफ्तार पूरी कहानी पढ़ें।
Mp Crime News : मध्य प्रदेश के खरगोन में पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नईम खान फतेह पर अपनी पत्नी नीलोफर को कथित तौर पर प्रताड़ित करने और मारपीट करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पत्नी पर विवाहेत्तर संबंध होने का संदेह करता था।
यह मामला तब गंभीर हुआ, जब नीलोफर की मौत के बाद उसके शव का बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौत को लेकर परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने कब्र से शव निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और जांच में शरीर पर चोटों के साथ कथित तौर पर सिगरेट से जलाने के निशान भी मिले।
आरोपी घटना के बाद खरगोन से फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार, वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। उसकी तलाश इंदौर से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक की गई। करीब तीन हजार किलोमीटर की तलाश के बाद पुलिस टीम ने जयपुर में उसे गिरफ्तार कर लिया।
15 अगस्त को हुई थी नीलोफर की मौत
नगर निरीक्षक बीएल मंडलोई के अनुसार, 15 अगस्त को नीलोफर की मौत तेजाब पीने के बाद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसके शव को बिना पोस्टमार्टम कराए दफना दिया गया। अगले दिन नीलोफर के भाई फरहान शेख ने कोतवाली थाने पहुंचकर उसकी मौत पर संदेह जताया और पुलिस से जांच की मांग की। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
कब्र से निकाला गया शव, फिर हुआ पोस्टमार्टम
परिजनों की मांग पर पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नीलोफर का शव कब्र से निकलवाया। इसके बाद चिकित्सकों के विशेष दल ने उसका पोस्टमार्टम किया।
पुलिस के मुताबिक, जांच में शरीर पर चोटों और कथित प्रताड़ना के निशान मिले। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध जांच के आधार पर उसकी मौत मारपीट से आई चोटों के कारण होने की बात सामने आई। पुलिस ने यह भी कहा कि शरीर पर सिगरेट से जलाने के निशान मिले थे। इन तथ्यों के आधार पर जांच का फोकस कथित घरेलू प्रताड़ना और मारपीट की ओर गया।
विवाहेत्तर संबंध के शक में प्रताड़ित करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, नईम अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का संदेह करता था। आरोप है कि इसी शक के चलते वह नीलोफर को लंबे समय तक प्रताड़ित करता और उसके साथ मारपीट करता था। जांच के दौरान दंपती की छोटी बेटी से मिली जानकारी को भी पुलिस ने महत्वपूर्ण बताया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची से मिली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली।
पुलिस ने शव को बिना पोस्टमार्टम दफनाए जाने की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। पुलिस का कहना है कि इससे मामले की परिस्थितियों को छिपाने के प्रयास की आशंका सामने आई।
घटना के बाद लगातार बदल रहा था ठिकाना
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद नईम खरगोन से फरार हो गया था। इसके बाद वह लगातार अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बदलता रहा।जांच में उसके इंदौर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में होने की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी की तलाश में साइबर सेल को भी लगाया गया था। पुलिस के अनुसार, देश से बाहर भागने की आशंका को देखते हुए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।
ढाबे से लेकर ई-रिक्शा तक, अलग-अलग तरीके से तलाश
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर करीब पांच दिन तक पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, टीम ने उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए कई स्तरों पर जानकारी जुटाई।
पुलिसकर्मियों ने पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले लोगों के बीच जानकारी जुटाई। इस दौरान किसी ने ढाबे पर काम करने, किसी ने ई-रिक्शा चलाने, पान की दुकान पर काम करने और किसी ने गैस सिलेंडर बांटने जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया। इसी पड़ताल के दौरान पुलिस को आरोपी के जयपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम जयपुर पहुंची और नईम खान फतेह को गिरफ्तार कर लिया।
तीन हजार किलोमीटर तक चला पुलिस का पीछा
इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी तक पुलिस की तलाश कई राज्यों तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, टीम ने करीब तीन हजार किलोमीटर तक उसका पीछा किया और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। लगातार जगह बदलने के बावजूद पुलिस ने साइबर सेल और मैदानी जांच के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया। आखिरकार जयपुर में उसकी गिरफ्तारी हो सकी।
