एमपी में 3.55 करोड़ दीयों की रोशनी, मुख्यमंत्री बोले- यह विश्व रिकॉर्ड है
Mp Big News,Mp Aashirwad Ka Diya : मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर गुरुवार शाम एक अनोखा नजारा पेश किया। पूरे प्रदेश में एक साथ 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए। गांव हों या शहर, मंदिर हों या ऐतिहासिक इमारतें, हर जगह दीयों की कतारें नजर आईं। सरकार ने प्रदेश के 845 आइकॉनिक स्थलों को भी इस मौके पर रोशन किया।
सबसे बड़ा आयोजन उज्जैन में हुआ, जहां शिप्रा नदी के घाटों से लेकर महाकाल महालोक तक लाखों दीये जलाए गए। शाम करीब 7 बजे सायरन की आवाज के साथ ही पूरा इलाका पल भर में जगमगा उठा। आयोजकों का दावा है कि अकेले उज्जैन में जलाए गए दीयों की संख्या ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
इस आयोजन में सिर्फ बड़े शहर ही शामिल नहीं थे। नरसिंहपुर जैसे जिलों में भी सिंगरी नदी के किनारे दीयों की कतारें सजाई गईं, जहां आम लोगों के साथ मंत्री और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। यह पूरा आयोजन प्रधानमंत्री के जन्मदिन को यादगार बनाने की कोशिश में सरकार, प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों के साझा प्रयास का नतीजा था।
उज्जैन में सायरन बजते ही जगमगाए घाट
उज्जैन में आयोजन का केंद्र रामघाट रहा। यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंघी भी घाट पर मौजूद थे।
शाम 7 बजे जैसे ही सायरन बजा, शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल महालोक में एक साथ दीये जल उठे। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका रोशनी से भर गया और घाटों पर दीयों की लंबी कतारें साफ दिखने लगीं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के जन्मदिवस के अवसर पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज उज्जैन में पुण्य सलिला माँ शिप्रा के किनारे एवं श्री महाकाल महालोक में 33 लाख 27 हजार आशीर्वाद के दीप एक साथ प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड… pic.twitter.com/FrSRk4zute
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 17, 2026
शिप्रा तट पर अकेले 33 लाख से ज्यादा दीये
रामघाट के अलावा दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट पर भी बड़ी संख्या में दीये जलाए गए। महाकाल महालोक परिसर में भी दीयों की रोशनी देखने लायक रही। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में 25 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स ने काम किया। प्रशासन के मुताबिक उज्जैन में कुल 33 लाख 27 हजार दीये जलाए गए, जिसे वर्ल्ड रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज कराने का दावा किया जा रहा है।
कार्तिक मेला ग्राउंड में दीयों से बनी पीएम मोदी की तस्वीर
उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में स्वयंसेवकों ने दीयों की मदद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकृति तैयार की। यह आयोजन का एक अलग ही आकर्षण बना, जिसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग जुटे। शिप्रा आरती में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत भाजपा के सभी बड़े नेता शामिल हुए। आरती की रोशनी और दीयों की चमक के बीच घाटों का नजारा देर तक लोगों को आकर्षित करता रहा।
नरसिंहपुर में सिंगरी नदी का तट भी दीपों से सजा
नरसिंहपुर में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सिंगरी नदी के तट को दीपों से सजाया गया। यहां कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। स्थानीय स्तर पर सिंगरी नदी को शहर की पहचान और जीवनरेखा से जोड़कर देखा जाता है।
कार्यक्रम के दौरान नदी किनारे बड़ी संख्या में दीप जलाए गए, जिससे पूरा तट रोशनी से भर गया।यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दी गईं और उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई। सिंगरी नदी के किनारे दीपों से बनी रोशनी स्थानीय लोगों के लिए कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।

एमपी में दीपोत्सव का सबसे बड़ा आंकड़ा क्या रहा?
प्रदेश स्तर पर उपलब्ध रिपोर्टों में 3.55 करोड़ दीप प्रज्ज्वलित किए जाने की जानकारी है। इनमें जिलेवार आयोजन, आइकॉनिक स्थलों पर दीप और लाभार्थी परिवारों से जुड़े कार्यक्रम शामिल थे।उज्जैन में 33.27 लाख दीपों का आंकड़ा इस प्रदेशव्यापी संख्या का एक हिस्सा है, लेकिन एक ही क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में दीप एक साथ जलाने के कारण यह आयोजन की सबसे बड़ी खबर बन गया।यही वजह है कि 17 सितंबर की शाम मध्यप्रदेश की तस्वीरों में उज्जैन के शिप्रा घाट और महाकाल महालोक सबसे ज्यादा चर्चा में रहे।

