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मध्य प्रदेश के 7500 मेधावी छात्रों को मिलेगी ई-स्कूटी, सीएम खुद सौंपेंगे चाबी

मध्य प्रदेश में 12वीं के मेधावी सरकारी स्कूल छात्रों को 16 सितंबर को स्कूटी मिलेगी। जानिए कार्यक्रम, पात्रता, 70 प्रतिशत अंक और योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी।
MP Scooty Yojana

MP Scooty Yojana : मध्य प्रदेश के हजारों छात्रों के लिए 16 सितंबर का दिन खास होने जा रहा है। मेहनत से 12वीं में टॉप करने वाले इन बच्चों को अब सरकार की तरफ से एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इन छात्रों को ई-स्कूटी सौंपेंगे। यह आयोजन "मुख्यमंत्री स्कूटी योजना" के तहत हो रहा है, और इस बार करीब 7500 छात्रों को इसका फायदा मिलेगा।

कहां और कब होगा कार्यक्रम

राज्य स्तरीय यह वितरण समारोह भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। सरकारी हायर सेकंडरी स्कूलों में 12वीं कक्षा में अच्छे नंबरों से पास हुए छात्र इसमें शामिल होंगे।

पिछले साल भी सरकार ने ऐसा ही आयोजन किया था, जिसमें 7,832 छात्र-छात्राओं को स्कूटी की चाबी देकर सम्मानित किया गया था। यानी यह अब सरकार का एक नियमित और भरोसेमंद कार्यक्रम बन चुका है, जिसका इंतजार हर साल छात्र करते हैं।

 स्कूटी योजना का फायदा

अगर आप सोच रहे हैं कि यह स्कूटी किसी को भी मिल जाती है, तो ऐसा नहीं है। इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। छात्र को 12वीं की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास करनी होती है, और स्कूल में उसका स्थान पहला होना चाहिए, वह भी कम से कम 70% अंकों के साथ।

यह योजना स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के नियमित छात्रों के लिए है। खास बात यह है कि इसमें किसी खास संकाय की बाध्यता नहीं है चाहे विद्यार्थी साइंस से हो, कॉमर्स से हो या आर्ट्स से, सभी इसके पात्र माने जाते हैं। इस साल के लिए तय किया गया लक्ष्य शिक्षण सत्र 2025-26 से जुड़ा है, जिसमें प्रदेश भर के 7,500 से ज्यादा योग्य छात्रों को यह सुविधा दी जा रही है।

अब तक 23,000 से ज्यादा छात्रों को मिल चुका है फायदा

यह योजना कोई नई शुरुआत नहीं है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक प्रदेश के 23,000 से ज्यादा छात्र इसका लाभ उठा चुके हैं। इस पूरी योजना पर सरकार अब तक करीब 246 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।

इस योजना के पीछे का मकसद 

सीधी भाषा में कहें तो सरकार की कोशिश है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेहनती बच्चों को उनकी मेहनत का सही इनाम मिले। जब किसी छात्र को 12वीं के बाद कॉलेज जाना होता है, तो अक्सर आने-जाने की दिक्कत पढ़ाई में रुकावट बन जाती है, खासकर गांव या छोटे शहरों में रहने वाले बच्चों के लिए।


स्कूटी मिलने से छात्रों को कॉलेज आना-जाना आसान होगा, और वे बिना किसी परेशानी के अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकेंगे। साथ ही, यह एक तरह से बाकी छात्रों को भी प्रेरित करने का काम करता है कि मेहनत का फल जरूर मिलता है। सरकारी स्कूलों के बच्चों में इस योजना की वजह से पढ़ाई को लेकर उत्साह भी बढ़ता दिख रहा है, क्योंकि अब उन्हें पता है कि अच्छे नंबर लाने पर उन्हें भी यह मौका मिल सकता है।