भूसे के अंदर छिपाकर रखा था विस्फोटकों का जखीरा, पुलिस ने 35 पेटियां पकड़ीं ,इलाके में मचा हड़कंप
Madhya Pradesh Police Raid : भाई, सुनो तो सही। सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जो गांव के लोगों को रातों की नींद उड़ा देने वाला है। मझगुवां गांव में भूसे के ढेर के नीचे इतना विस्फोटक छिपा रखा गया था कि सोचकर ही डर लगता है। पुलिस को जब मुखबिर से खबर मिली तो उन्होंने शुक्रवार को वहां दबिश दी। और फिर जो निकला, वो देखकर सबके होश उड़ गए।
दुलीचंद पटेल नाम के मैगजीन संचालक के आवासीय परिसर और बाड़े में भूसे के अंदर करीब 30 से 35 पेटी विस्फोटक सामग्री मिली। इसमें जिलेटिन और डेटोनेटर शामिल हैं। ये वो सामान है जो आमतौर पर पहाड़ों को तोड़ने या खनन के काम में इस्तेमाल होता है। दिवाली के पटाखे नहीं, असली कमर्शियल एक्सप्लोसिव। अलग-अलग कंपनियों और अलग-अलग लॉट की पेटियां थीं। कुछ में एटीएमएम की सामग्री भी बताई जा रही है। पुलिस ने सब कुछ जब्त कर लिया और बम डिस्पोजल स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया ताकि कोई हादसा न हो।
गांव के लोग बता रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक घर के पास रखना कितना खतरनाक है। अगर कोई छोटी सी चिंगारी लग जाए या कोई गलती हो जाए तो पूरा इलाका तबाह हो सकता था। बच्चे खेलते हैं, महिलाएं घर का काम करती हैं, बुजुर्ग बैठे रहते हैं। ऐसे में ये सामान छिपाकर रखना किसी भी जिम्मेदार इंसान का काम नहीं कहा जा सकता। पुलिस ने साफ कहा है कि ये अवैध भंडारण था। लाइसेंस और दस्तावेजों की भी जांच चल रही है।
मुख्य बात ये है कि ये विस्फोटक कहां से आए और किन्हें सप्लाई किए जाने थे। सीएसपी राहुल कटरे ने बताया कि सप्लाई नेटवर्क की जांच जोरों पर है। दो और नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस अब पूरे मामले की तह तक जाने वाली है। कब से ये सामान रखा जा रहा था, किसने लाया, किसे बेचा जा रहा था ये सब अब सामने आएगा।
भाई, गांव में रहकर हम सब जानते हैं कि खनन और ब्लास्टिंग का काम कई जगह चलता है। लेकिन नियम कानून का पालन करना जरूरी है। अवैध तरीके से इतना बड़ा जखीरा रखना न सिर्फ कानून के खिलाफ है, बल्कि पूरे समाज के लिए खतरा भी है। सागर पुलिस की ये कार्रवाई सही समय पर हुई। मुखबिर की सूचना पर इतनी तेज कार्रवाई हुई कि दोषियों को भागने का मौका भी नहीं मिला।
अभी जांच चल रही है। जब्त सामग्री का पूरा वजन और विस्तृत विवरण बाद में सामने आएगा। लेकिन जो कुछ अभी पता चला है, उससे साफ है कि पुलिस सतर्क है। आम आदमी की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है। जो लोग ऐसे खतरनाक खेल खेलते हैं, उन्हें कानून का सबक सिखाना ही पड़ता है।
देखो, ये सिर्फ एक गांव की खबर नहीं है। पूरे मध्य प्रदेश में अवैध विस्फोटक और पटाखों के खिलाफ पुलिस सक्रिय है। लेकिन इस मामले में भूसे के अंदर छिपाने की तरकीब ने सबको चौंका दिया। लगता है दोषी सोच रहे थे कि कोई नहीं पकड़ पाएगा। लेकिन मुखबिर ने काम कर दिया और पुलिस ने अपना फर्ज निभाया।
अब इंतजार है कि जांच पूरी हो और जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। गांव के लोग भी अब ज्यादा सावधान रहेंगे। अगर कोई शक वाली गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को बताना चाहिए। सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है।
सागर पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ करनी चाहिए। समय रहते बड़े खतरे को टाल दिया गया। आशा है कि सप्लाई नेटवर्क भी जल्द पकड़ में आ जाएगा और ऐसे अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी। भाई, सुरक्षा सबसे पहले आती है। ये बात हमेशा याद रखनी चाहिए।
