प्यार का खौफनाक अंत: जीजा-साली के अवैध संबंधों ने ली एक और जान

छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के पाय गांव से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है। प्यार और धोखे की इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। शादी के महज ५२ दिन बाद एक नवविवाहिता की मौत ने कई गहरे राज खोल दिए हैं। ५ मई को ही मनीषा पटेल की शादी शिवम पटेल से धूमधाम से हुई थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि खुशियों का यह घर इतनी जल्दी मातम में बदल जाएगा। बीते २६ जून को जब किचन में मनीषा का शव फंदे से लटकता मिला, तो पहली नजर में इसे आत्महत्या मान लिया गया। घर के लोग सदमे में थे और पुलिस ने सामान्य प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की। लेकिन, ससुराल वालों को तब बड़ा झटका लगा जब उन्होंने मनीषा का मोबाइल चेक किया। मोबाइल में मिली चैटिंग ने न केवल रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया, बल्कि एक खौफनाक साजिश का भी पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि मनीषा के अपने ही सगे जीजा अजय के साथ प्रेम संबंध थे। यह रिश्ता शादी से पहले से चला आ रहा था। चैट्स को पढ़ने के बाद पुलिस और परिवार वाले भी दंग रह गए। बातचीत से साफ संकेत मिल रहे थे कि वे दोनों अपने-अपने जीवनसाथी यानी पति और पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बना रहे थे। यह एक ऐसी साजिश थी, जो किसी को भी डरा दे। जैसे-जैसे यह बातें बाहर आने लगीं, मनीषा के मायके वालों को भी इसकी जानकारी हो गई। माना जा रहा है कि जब मनीषा को यह एहसास हुआ कि उसकी पोल खुल चुकी है और वह समाज तथा परिवार के सामने बेनकाब हो गई है, तो शायद इसी आत्म-ग्लानि और तनाव में उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। घर के किचन में फंदे से लटककर उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहां पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है, वहीं शिवम पटेल के परिवार वाले भी डरे हुए हैं। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि इस घटना के बाद उन्हें किसी झूठे दहेज प्रताड़ना के केस में न फंसा दिया जाए। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, चैटिंग की सत्यता और परिवार के बयानों को सबूत के तौर पर जुटा रही है। खजुराहो के एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने इस मामले पर स्पष्ट किया है कि अभी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल एविडेंस के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह वास्तव में आत्महत्या है या इसके पीछे कुछ और भी है। इस घटना ने साबित कर दिया है कि कभी-कभी हकीकत कल्पना से भी ज्यादा भयावह होती है।
