कटनी की भगोड़ी सस्पेंड CSP नेहा पच्चीसिया पर अब 10 हजार का इनाम, तीन आरोपी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर
katni csp neha pachisia news : कटनी के चर्चित जमीन सौदेबाजी कांड में एक और बड़ा मोड़ आया है। जिला पुलिस ने फरार चल रही सस्पेंड सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने यह घोषणा की। इनाम सिर्फ नेहा पच्चीसिया पर नहीं, बल्कि मामले के दो अन्य आरोपियों पर भी रखा गया है।
पिछले कुछ दिनों से यह मामला पूरे कटनी जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक पुलिस अधिकारी का जमीन सौदे में नाम आना, फिर फरार होना और अब इनाम घोषित होना, यह घटनाक्रम लगातार नए मोड़ ले रहा है।
किन-किन पर रखा गया इनाम
नेहा पच्चीसिया के अलावा फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और जमीन खरीदार मारुफ हनफी पर भी इनाम रखा गया है। तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस के अनुसार तीनों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। उनके घरों में ताले लगे हुए हैं। इसी वजह से पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि आरोपियों की लोकेशन का जल्द पता चल सके।
SIT यानी विशेष जांच दल अलग-अलग संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। जांच की निगरानी जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी कर रही हैं।
निलंबित सीएसपी के देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसका मतलब है कि अगर वह किसी भी एयरपोर्ट या बॉर्डर से बाहर निकलने की कोशिश करती हैं, तो उन्हें तुरंत रोका जा सकता है।
आज होगी अग्रिम जमानत पर सुनवाई
कटनी की जिला अदालत में आज नेहा पच्चीसिया और उनके साथी आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। इससे पहले भी इस मामले में लंबी बहस हो चुकी है, लेकिन अभी तक आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर आज भी जमानत नहीं मिलती, तो पुलिस के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता और आसान हो जाएगा।
आखिर शुरू कहां से हुआ यह पूरा विवाद
अब बात करते हैं इस पूरे मामले की जड़ की। कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र में रहने वाले रमेश लोधी नाम के एक व्यक्ति के बेटे पर एक आदिवासी युवक की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में उसे जेल भेज दिया गया। रमेश का आरोप है कि केस में राहत दिलाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई। इस मांग में कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा का नाम भी सामने आया।
जब रमेश और उनका परिवार इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ रहा, तो कथित तौर पर उन्हें एक रास्ता सुझाया गया। उनसे कहा गया कि अपनी दो हेक्टेयर जमीन का एक हिस्सा बेच दें, इससे रकम की व्यवस्था हो जाएगी।
यहीं से असली खेल शुरू होता है। जिस जमीन का सौदा हुआ, उसकी बाजार कीमत करीब 82 लाख रुपये आंकी गई थी। परिवार का कहना है कि सौदा दरअसल 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था, लेकिन उन्हें हाथ में सिर्फ 18 लाख रुपये ही मिले। बाकी की भारी-भरकम रकम कहां गई, यह सवाल अब जांच का केंद्र बिंदु बन चुका है।
सीएम मोहन यादव ने लिया एक्शन
जैसे ही यह मामला सामने आया, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नेहा पच्चीसिया को सस्पेंड कर दिया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी पद के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि नेहा पच्चीसिया पहले एयर होस्टेस रह चुकी हैं और 2012 बैच की राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं। अपने सख्त अंदाज के कारण वह कभी 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानी जाती थीं। उनकी पहली पोस्टिंग गुना में हुई थी, इसके बाद भोपाल पुलिस मुख्यालय और खंडवा में भी सेवाएं दे चुकी हैं। मई 2025 में उनका तबादला कटनी हुआ था।
