चंबल नदी में डीजल खत्म होने से बहा कांवड़ियों से भरा स्टीमर, 8-10 किमी बहने के बाद टला बड़ा हादसा
Madhya Pradesh Latest News : रविवार सुबह मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी उस वक्त दहशत का केंद्र बन गई, जब उत्तर प्रदेश जा रहे कांवड़ियों से भरा एक स्टीमर बीच धार में अचानक बंद हो गया। पोरसा तहसील के नगरा घाट से यह स्टीमर सैकड़ों यात्रियों और दर्जनों बाइकों को लेकर यूपी के केंजरा घाट की तरफ रवाना हुआ था। स्टीमर पर सवार ज्यादातर लोग आगरा के पास स्थित प्रसिद्ध बटेश्वर मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे कांवड़िए बताए जा रहे हैं।
नदी के बीचोंबीच पहुंचते ही स्टीमर का एक इंजन अचानक बंद हो गया। चालक ने फौरन दूसरा इंजन चालू करने की कोशिश की, लेकिन वह भी काम नहीं आया। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि स्टीमर में डीजल खत्म हो जाने की वजह से यह हालात बने।
तेज बहाव में बेकाबू हुआ स्टीमर, यात्रियों में मची चीख-पुकार
बारिश के चलते चंबल नदी इन दिनों उफान पर है और जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। ऐसे में दोनों इंजन ठप होते ही स्टीमर तेज धारा के सहारे बेकाबू होकर बहने लगा। सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कई पल के लिए हर किसी की सांसें अटकी रहीं।
घटना का वीडियो किनारे खड़े लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया।
आठ से दस किलोमीटर तक बहा स्टीमर, टीले से टकराकर थमी रफ्तार
रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टीमर बेकाबू होकर करीब आठ से दस किलोमीटर तक चंबल की धारा में बहता चला गया। यह मध्य प्रदेश की सीमा पार कर आगरा क्षेत्र के गुढ़ा गांव के पास पहुंच गया, जहां एक टीले से टकराने के बाद उसकी रफ्तार थमी। राहत की बात यह रही कि स्टीमर किसी बड़ी चट्टान या दूसरी नाव से नहीं टकराया, जिससे बड़ा हादसा टल गया और सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
प्रशासन और SDRF टीमें मौके पर पहुंचीं
वीडियो वायरल होने के बाद मुरैना और भिंड जिला प्रशासन के साथ-साथ पोरसा, नगरा और महुआ थाना पुलिस तथा SDRF की आपदा प्रबंधन टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। स्टीमर के किनारे लगते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली।
पहले से थी संचालन पर रोक, फिर भी चल रहा था अवैध स्टीमर
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, चंबल के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए इस घाट पर स्टीमर संचालन पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए यह स्टीमर अवैध रूप से चलाया जा रहा था।
यह पहली बार नहीं है जब चंबल क्षेत्र में स्टीमर संचालन को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी नदी में तय क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाने और बिना सुरक्षा इंतजामों के स्टीमर चलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध संचालन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
