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MP का अजब-गजब गांव: इंद्रदेव को मनाने के लिए अर्थी पर लिटाया जिंदा आदमी

Viral News Video

Viral News Video : मध्य प्रदेश को यूं ही अजब-गजब नहीं कहा जाता। इंदौर जिले के महू क्षेत्र के गवली पलासिया गांव में बारिश की कामना को लेकर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने आसपास के गांवों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच लिया। यहां ग्रामीणों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने की अपनी वर्षों पुरानी मान्यता के तहत एक जिंदा व्यक्ति को अर्थी पर लिटाया और उसकी प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली।

ढोल-ढमाकों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकली यह यात्रा गांव की गलियों से गुजरी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जैसे ही लोगों ने अर्थी पर लेटे जिंदा व्यक्ति को देखा, उत्सुकता बढ़ गई और कई लोगों ने इस अनोखी परंपरा को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड किया। यह कोई वास्तविक अंतिम यात्रा नहीं थी, बल्कि बारिश के लिए की गई सामूहिक प्रार्थना और स्थानीय आस्था से जुड़ा प्रतीकात्मक आयोजन था।

वर्षों पुरानी मान्यता से जुड़ी है यह परंपरा

ग्रामीणों के अनुसार, गवली पलासिया गांव में यह परंपरा नई नहीं है। जब लंबे समय तक अपेक्षा के अनुसार बारिश नहीं होती और खेती-किसानी को लेकर चिंता बढ़ने लगती है, तब ग्रामीण इस तरह का आयोजन करते हैं।

स्थानीय मान्यता है कि प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर इंद्रदेव से वर्षा की प्रार्थना की जाती है। गांव के लोग इसे अपनी पुरानी लोक-परंपरा और सामूहिक आस्था का हिस्सा मानते हैं।

ऐसे आयोजनों का वैज्ञानिक प्रभाव साबित होने का दावा नहीं किया जा सकता, लेकिन ग्रामीणों के लिए इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व जरूर है। गांव के लोग एक साथ जुटते हैं, वर्षा की प्रार्थना करते हैं और खेती के बेहतर मौसम की उम्मीद जताते हैं। यही वजह है कि इस बार भी बारिश की कमी महसूस होने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस परंपरा को निभाने का फैसला किया।

जब गांव की गलियों से निकली अनोखी शव यात्रा

आमतौर पर शव यात्रा का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक गंभीर तस्वीर बनती है। लेकिन गवली पलासिया में निकली यह यात्रा अलग थी। अर्थी पर लेटा व्यक्ति जीवित था और पूरा आयोजन प्रतीकात्मक रूप से किया गया।

ढोल और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की आवाज के बीच यात्रा गांव की अलग-अलग गलियों से गुजरी। ग्रामीणों की मौजूदगी ने इसे एक सामूहिक आयोजन का रूप दे दिया।

यात्रा को देखने के लिए बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी जुटीं। कई लोगों ने वीडियो बनाए और तस्वीरें खींचीं। इसके बाद यह अनोखी परंपरा आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गई।

आज के दौर में जब गांव की छोटी-बड़ी घटनाएं कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया तक पहुंच जाती हैं, ऐसे पारंपरिक आयोजन तेजी से लोगों की नजर में आ जाते हैं। हालांकि, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मनोरंजन नहीं, बल्कि बारिश की कामना और स्थानीय परंपरा को निभाना बताया गया।

मध्य प्रदेश की लोक परंपराएं फिर आईं चर्चा में

मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम, खेती और लोक-आस्था से जुड़ी कई परंपराएं देखने को मिलती हैं। कहीं अच्छी बारिश के लिए पूजा की जाती है तो कहीं सामूहिक धार्मिक आयोजन होते हैं।

गवली पलासिया की यह परंपरा भी इसी ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत की एक तस्वीर पेश करती है। बदलते समय और आधुनिक तकनीक के बीच भी कई गांवों में पुरानी मान्यताएं लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई हैं।

इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें गांव के लोगों ने मिलकर हिस्सा लिया। जिंदा व्यक्ति को अर्थी पर लिटाकर निकाली गई प्रतीकात्मक शव यात्रा ने लोगों को चौंकाया जरूर, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह उनकी वर्षों पुरानी मान्यता को निभाने का तरीका था।

अब गवली पलासिया गांव की यह अनोखी परंपरा इंदौर और महू क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों की नजर अब आसमान पर है और उम्मीद यही है कि उनकी सामूहिक प्रार्थना के बाद क्षेत्र में जल्द अच्छी बारिश हो।