मध्यप्रदेश में 21 से 23 जून के बीच मानसून की दस्तक संभव, कई जिलों में अगले 48 घंटे आंधी-बारिश का अलर्ट
aaj ka mausam 17 june : मध्यप्रदेश में मानसून का इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं लग रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 21 से 23 जून के बीच मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही कई जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। कहीं बादल छा रहे हैं तो कहीं हल्की बारिश लोगों को राहत दे रही है। ऐसे में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह खबर राहत भरी है। मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, देवास, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य भारत से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड तक एक सक्रिय साइक्लोनिक सिस्टम और ट्रफ लाइन का प्रभाव बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में नमी बढ़ रही है। यही वजह है कि कई क्षेत्रों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यही परिस्थितियां मानसून की आगे बढ़ने की प्रक्रिया को भी समर्थन दे रही हैं। बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट भी देखने को मिली। हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो, नौगांव, दतिया, सतना और टीकमगढ़ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। दूसरी ओर पचमढ़ी, भोपाल, सागर, खरगोन और छिंदवाड़ा में अपेक्षाकृत कम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के चलते अगले दो दिनों में तापमान में विशेष बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। इसका सीधा फायदा लोगों को मिलेगा और भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी। जून के महीने में जब आमतौर पर गर्मी अपने चरम पर रहती है, तब बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना लोगों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है। मौसम विभाग ने 17 जून को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। यदि मौसम की मौजूदा परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो मध्यप्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री 21 से 23 जून के बीच हो सकती है।
