महिला कर्मचारी के आरोपों के बाद रीवा के CMO पर गिरी गाज ,चाकघाट नगर परिषद के CMO निलंबित
Mp Big News,Rewa CMO audio viral : रीवा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। चाकघाट नगर परिषद के प्रभारी CMO शंखधर पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक वायरल ऑडियो के बाद हुई है, जिसकी जांच खुद कलेक्टर ने करवाई थी।
मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से फैलने लगी। इस क्लिप में एक महिला कर्मचारी और CMO के बीच बातचीत सुनी जा सकती थी। बातचीत का लहजा आपत्तिजनक बताया जा रहा था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को जांच सौंपी गई। जांच पूरी होने के बाद ऑडियो को सही पाया गया, जिसके तुरंत बाद निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
क्या था पूरा मामला
चाकघाट नगर परिषद के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी शंखधर पांडेय का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस ऑडियो में उन पर कार्यालय की एक महिला कर्मचारी से फोन पर अमर्यादित बातचीत करने का आरोप लगा। मामला सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।
कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए CMO को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान शंखधर पांडेय का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन कार्यालय, रीवा रहेगा। नियमानुसार उन्हें इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
वायरल ऑडियो में सुनाई दिया
वायरल हुए ऑडियो में एक तरफ CMO की आवाज है और दूसरी तरफ नगर परिषद में कार्यरत एक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर की। बातचीत के दौरान महिला को घर आने के लिए कहा जा रहा था। महिला बार-बार यह कहती सुनाई दी कि आसपास के लोग देख लेंगे और इस बारे में क्या सोचेंगे। जवाब में सामने से कहा गया कि घर पर कोई नहीं है और वह अकेला मौजूद है।
महिला कर्मचारी के गंभीर आरोप
ऑडियो वायरल होने के बाद पीड़ित महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने भी अपनी आपबीती सामने रखी। उसका कहना है कि जब उसने CMO की मांग मानने से इनकार किया, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बैकडेट में पत्र जारी करके उसे पद से हटा दिया गया। उसका दावा है कि जून 2026 से उसकी ऑनलाइन उपस्थिति की आईडी भी हटा दी गई थी, जिससे वह दफ्तर के सिस्टम में अपनी हाजिरी तक दर्ज नहीं करवा पा रही थी।
प्रशासन की कार्रवाई पर एक नजर
जांच में ऑडियो सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने देरी नहीं की। कमिश्नर कार्यालय की तरफ से जारी आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि कार्यालय की महिला कर्मचारी के साथ फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत की गई थी, और यही निलंबन का आधार बना।
यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई सामग्री अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई तक कितनी तेजी से पहुंच रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की जांच और संभावित विभागीय कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

