खजुराहो और भोपाल एयरपोर्ट का कमाल: मध्य प्रदेश ने देश भर में बजाया अपना डंका
Best airport in India 2026 : मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी निकलकर सामने आई है। हमारे प्रदेश ने विमानन सेवाओं के मामले में देश भर में अपना नाम रोशन किया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी AAI ने साल 2026 के लिए अपना राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक जारी कर दिया है। इस लिस्ट में एमपी के दो प्रमुख हवाई अड्डों ने टॉप पर जगह बनाकर सबको चौंका दिया है। खजुराहो का एयरपोर्ट देशभर में नंबर एक बन गया है, जबकि हमारी राजधानी भोपाल का राजा भोज हवाई अड्डा तीसरे स्थान पर काबिज रहा है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि खजुराहो ने पिछली बार यानी दिसंबर 2025 में भी यही कारनामा कर दिखाया था। खजुराहो एयरपोर्ट की इस लगातार सफलता के पीछे वहां की टीम की कड़ी मेहनत साफ नजर आती है। हवाई अड्डे के निदेशक संतोष सिंह ने बताया कि यह मुकाम अचानक नहीं मिला है। इसके पीछे यात्रियों का भरोसा और उन्हें बेहतर सेवा देने की निरंतर कोशिश है। उन्होंने साफ़ कहा कि उनका इरादा सिर्फ नंबर वन बने रहना नहीं, बल्कि भविष्य में भी यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देते रहना है। यह रैंकिंग ऐसे ही नहीं दी जाती, बल्कि इसमें आम यात्रियों की राय को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। जब यात्री वहां से सफर करते हैं, तो वे अपनी फीडबैक देते हैं और उसी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार होती है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर एयरपोर्ट को नंबर वन कैसे चुना जाता है? तो इसके लिए कई कड़े पैमानों का सहारा लिया जाता है। सबसे पहले तो जब आप एयरपोर्ट पहुंचते हैं, तो चेक-इन की प्रक्रिया कितनी तेज और आसान है, इसे देखा जाता है। इसके बाद सुरक्षा जांच में आपको कितनी मशक्कत करनी पड़ती है और टर्मिनल की साफ़-सफाई कैसी है, इन बातों पर गौर होता है। सर्वे करने वाली टीम यह भी देखती है कि वहां काम करने वाले कर्मचारी यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। इसके अलावा आपकी फ्लाइट के इंतजार का समय, खाने-पीने की सुविधा और आपको दी जाने वाली जानकारी कितनी सटीक है, यह सब मिलकर तय करते हैं कि एयरपोर्ट की रैंकिंग क्या होगी। इन सभी कठिन मानकों पर खजुराहो हवाई अड्डे ने बाजी मार ली है। उसने न सिर्फ स्वच्छता में कमाल किया है बल्कि यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी सबको पीछे छोड़ दिया है। वहीं भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट भी पीछे नहीं रहा। तीसरा स्थान हासिल करना भी कोई मामूली बात नहीं है। राजधानी का एयरपोर्ट होने की वजह से यहां यात्रियों का काफी ज्यादा दबाव रहता है, फिर भी अपनी सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना बड़ी बात है। इससे यह साफ़ होता है कि मध्य प्रदेश अब सिर्फ पर्यटन ही नहीं, बल्कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस के मामले में भी आगे बढ़ रहा है। यह रैंकिंग उन लोगों के लिए भी बहुत मायने रखती है जो अक्सर हवाई यात्रा करते हैं। जब किसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़िया मिलती हैं, तो सफर का पूरा अनुभव ही बदल जाता है। खजुराहो, जो कि एक विश्व धरोहर स्थल है, वहां आने वाले सैलानियों के लिए यह अच्छी खबर है। उन्हें अब यह भरोसा है कि उन्हें वहां पहुंचने पर एक बेहतरीन माहौल मिलेगा। एयरपोर्ट पर अच्छी व्यवस्था का मतलब है कि आप बिना किसी तनाव के अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। मध्य प्रदेश के इन दो हवाई अड्डों ने साबित कर दिया है कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो परिणाम खुद-ब-खुद सामने आते हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन की यह कोशिश है कि आने वाले समय में इन सुविधाओं को और भी हाईटेक किया जाए। तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर यात्रियों के समय को बचाया जा रहा है ताकि उन्हें एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार न करना पड़े। संतोष सिंह की पूरी टीम जिस तरह से काम कर रही है, वह बाकी एयरपोर्ट्स के लिए भी एक मिसाल है। उम्मीद यही है कि आने वाले समय में प्रदेश के अन्य छोटे एयरपोर्ट्स भी इसी तरह से अपनी सेवा में सुधार करेंगे और रैंकिंग में जगह बनाएंगे।
