अब भोपाल की रफ्तार होगी और भी प्यारी: कम किराए में मिलेगी शानदार यात्रा, ई-बसों से बदलेगा शहर का सफर।
Bhopal E-Bus service update : भोपाल के लोगों, अब तैयार हो जाइए! अब आपको शहर के ट्रैफिक और पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझने की उतनी फिक्र नहीं करनी पड़ेगी। हमारी राजधानी भोपाल में अब इलेक्ट्रिक बसों यानी ई-बसों का शोर कम और सफर आरामदायक होने वाला है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड ने कमर कस ली है और 25 जुलाई से शहर की सड़कों पर ये आधुनिक ई-बसे दौड़ती हुई नजर आएंगी। इंतजार की घड़ियां खत्म होने को हैं। फिलहाल प्रशासन ने 20 जुलाई से इन बसों का ट्रायल रन शुरू करने का फैसला लिया है। ये बसें पांच दिनों तक शहर के अलग-अलग रास्तों पर खाली दौड़ेंगी ताकि यह चेक किया जा सके कि कहीं कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं है। अगर सब कुछ सही रहा, तो 25 जुलाई का दिन भोपाल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए एक नई शुरुआत लेकर आएगा। शहर के दस अलग-अलग रूट्स पर इन बसों का कमर्शियल संचालन शुरू कर दिया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल जो हर किसी के मन में है, वो है जेब का खर्च। ई-बस सेवा को आम आदमी की पहुंच में रखने के लिए किराया बहुत किफायती रखा गया है। इन बसों का किराया महज 1.50 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय हुआ है। अगर आप न्यूनतम सफर करते हैं, तो आपको सिर्फ सात रुपए चुकाने होंगे। मान लीजिए अगर आप दस किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, तो आपकी जेब से महज 15 रुपए खर्च होंगे। यह किराया न केवल बस के अन्य साधनों से सस्ता है, बल्कि अपनी बाइक या कार के मुकाबले तो काफी कम है। शुरुआती चरण में भोपाल में 20 ई-बसे सड़कों पर उतारी जा रही हैं। यह तो बस एक शुरुआत है। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाकर 100 और फिर 200 तक ले जाने का पक्का प्लान है। इस प्रोजेक्ट को मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। इसके संचालन की जिम्मेदारी एक निजी ग्रीन सेल कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी का काम बस चलाना ही नहीं, बल्कि इनकी चार्जिंग, मेंटेनेंस और ड्राइवरों-कंडक्टरों का पूरा खर्च उठाना भी है। इसके बदले सरकार कंपनी को प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करेगी। यह बदलाव सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के पांच बड़े शहरों को ग्रीन मोबिलिटी की तरफ ले जा रही है। भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी ई-बसों का पहिया घूमने वाला है। कुल मिलाकर पांचों शहरों में 587 ई-बसे चलाई जाएंगी। यह पर्यावरण के लिए भी बहुत अच्छा कदम है क्योंकि इलेक्ट्रिक बसें होने से शहर में प्रदूषण का स्तर कम होगा और हवा भी थोड़ी साफ-सुथरी रहेगी। जिन दस रूट्स पर इन बसों को चलना है, उनमें शहर के कोने-कोने को जोड़ने की कोशिश की गई है। सूखी सेवनिया से लेकर भोजपुर तक, और सीहोर से रातापानी या कटारा बायपास तक, ये बसें लंबा सफर तय करेंगी। अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से लेकर मंडीदीप और कोच फैक्ट्री जैसे इलाकों को भी इसमें कवर किया जा रहा है। 30 से लेकर 60 किलोमीटर तक की ये लंबी दूरी की यात्राएं अब कम खर्चे में और आरामदायक तरीके से पूरी हो सकेंगी। भोपाल प्रशासन और नगर निगम की यह कोशिश है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को इतना बेहतर बनाया जाए कि लोग अपने निजी वाहनों को छोड़कर बसों में सफर करना पसंद करें। ई-बसों की ये सुविधा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि आम जनता के पैसे भी बचाएगी। शहर के उन लोगों के लिए यह बड़ा तोहफा है जो रोजाना नौकरी या काम के सिलसिले में एक इलाके से दूसरे इलाके तक का सफर करते हैं। अब बस आने का समय हो गया है, देखते हैं कि भोपाल की सड़कों पर इनका स्वागत कैसा होता है।
