- भोपाल की आईएएस अकादमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से 1.89 करोड़ रुपये की लूट का पुलिस ने पर्दाफाश किया।
- इस पूरी वारदात की मुख्य साजिश अकादमी के ही ऑफिस में बैठकर तैयार की गई थी।
- मुख्य आरोपी प्रियंक शर्मा ने अपने कर्मचारी दीपक भगत के साथ मिलकर लूट की प्लानिंग की।
- दीपक के रिश्तेदार विकास दाहिया ने दतिया के अपराधी पंकज अहिरवार को 5 लाख का लालच देकर भोपाल बुलाया।
- पंकज अपने साथ कुनाल यादव और शूटर रामजी उर्फ निहाल प्रजापति को लेकर वारदात करने पहुंचा था।
Bhopal IAS Academy Robbery : मध्य प्रदेश की
राजधानी भोपाल में प्रतिष्ठित आईएएस अकादमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से हुई 1.89 करोड़ रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी वारदात की साजिश कहीं बाहर नहीं, बल्कि अकादमी के दफ्तर के अंदर ही तैयार की गई थी। मुख्य आरोपी प्रियंक शर्मा ने पैसों के लालच में अपने ही कर्मचारी दीपक भगत के साथ मिलकर इस पूरी घटना की रूपरेखा तैयार की और दतिया से पेशेवर अपराधियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।
दफ्तर के अंदर तैयार हुआ पूरा प्लान
भोपाल क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में यह साफ हो गया है कि इस बड़ी लूट का मास्टरमाइंड कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्थान से जुड़ा प्रियंक शर्मा ही था। प्रियंक को अकादमी की अंदरूनी गतिविधियों और पैसों के लेन-देन की पूरी जानकारी थी। उसने अकादमी में ही काम करने वाले दीपक भगत को अपने इस काले कारनामे में शामिल किया। प्रियंक का मकसद शुभ्रा रंजन को डरा-धमकाकर एक मोटी रकम बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर करवाना था। इसके लिए उसने दीपक से ऐसे लड़कों का इंतजाम करने को कहा जो महिला को डराकर बैंक से पैसे ट्रांसफर करवा सकें।
रेस्टोरेंट के रसोइए से जुड़ा दतिया का नेटवर्क
योजना को आगे बढ़ाते हुए दीपक भगत ने भोपाल के ही एक रेस्टोरेंट में खाना बनाने वाले अपने रिश्तेदार विक्की उर्फ विकास दाहिया से संपर्क किया। विकास का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके तार दतिया के बदमाशों से जुड़े हुए थे। विकास ने इस काम के लिए दतिया के शातिर अपराधी पंकज अहिरवार को पांच लाख रुपये का लालच दिया। पांच लाख रुपये की भारी-भरकम रकम सुनकर पंकज तुरंत इस साजिश में शामिल होने के लिए तैयार हो गया और उसने भोपाल आने का फैसला किया।
दतिया से बुलाए गए शूटर और बदमाश
पंकज अहिरवार अकेले भोपाल नहीं आया, बल्कि उसने अपने साथ दो और शातिर अपराधियों को जोड़ा। वह अपने साथी कुनाल यादव और एक पेशेवर शूटर रामजी उर्फ निहाल प्रजापति उर्फ प्रिंस को लेकर भोपाल पहुंचा। इन बदमाशों ने तय रणनीति के मुताबिक शुभ्रा रंजन को डराया-धमकाया और बैंक से 1.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। क्राइम ब्रांच अब इस मामले में शामिल सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि लूटी गई रकम की पूरी रिकवरी की जा सके और मामले के अन्य पहलुओं को सामने लाया जा सके।