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भोपाल-इंदौर सहित पूरे प्रदेश पर मंडरा रहा बारिश का खतरा, इन 5 जिलों में अलर्ट जारी

MP Monsoon News

 

 

MP Monsoon News :   छाता उठा लो और गाड़ी की खिड़की के शीशे भी चेक कर लो, क्योंकि मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर से करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से बारिश जैसे रूठ गई थी, लेकिन अब मौसम विभाग ने जो चेतावनी जारी की है, उसे पढ़कर एक बार तो माथे पर बल पड़ ही जाएगा।

दो सिस्टम एक साथ हुए एक्टिव, बढ़ी टेंशन

मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में इस बार बारिश यूं ही नहीं हो रही। इसके पीछे एक नहीं, बल्कि दो-दो मौसमी सिस्टम काम कर रहे हैं। पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में बने निम्न दाब क्षेत्र, साथ में मानसून द्रोणिका और सक्रिय पवन कतरन क्षेत्र मिलकर पूरे सूबे का मौसम बिगाड़ने पर तुले हैं।

 

 

नतीजा ये कि अगले चार दिन तक प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश होने के पूरे आसार बन गए हैं। अब जब प्रकृति ने इरादा कर लिया है, तो किसान भाइयों के चेहरे पर भी थोड़ी राहत की मुस्कान लौट आई है।

शहडोल, अनूपपुर सहित इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

बात करें सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों की, तो शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिले फिलहाल मौसम विभाग के रडार पर हैं। यहां अगले 24 घंटे में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आंकड़ों की बात करें तो इन इलाकों में चार इंच या उससे भी ज्यादा बारिश गिर सकती है। जो लोग इन जिलों में रहते हैं, उन्हें फिलहाल घर से बेवजह बाहर निकलने से बचना चाहिए, खासकर नदी-नालों के आसपास तो बिल्कुल सतर्क रहना जरूरी है।

भोपाल-इंदौर वालों को भी नहीं मिलेगी पूरी राहत

अब बात राजधानी भोपाल और मायानगरी इंदौर की। यहां हालांकि अति भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर में भी कमोबेश यही स्थिति रहने वाली है। यानी छाता साथ रखना अभी छोड़िएगा मत, भले ही तेज बारिश ना हो, लेकिन गीले कपड़े और ट्रैफिक जाम से बचना है तो थोड़ी तैयारी पहले से कर लेना ही समझदारी है।

किन-किन जिलों में कैसा रहेगा मौसम

प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।

वहीं पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मतलब लगभग पूरा प्रदेश ही इस बार मानसून की चपेट में आने वाला है।

बारिश के कोटे में सुधार, पर अभी भी पीछे है प्रदेश

अब जरा आंकड़ों की भी बात कर लें। लंबे समय तक बारिश ने जो ब्रेक लिया था, उसके चलते प्रदेश का बारिश कोटा गड़बड़ा गया था। 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 17 फीसद कम बारिश दर्ज हुई थी।

लेकिन बीते कुछ दिनों में हुई बारिश से इस कमी में थोड़ा सुधार आया है और अब यह अंतर घटकर करीब 11 फीसद रह गया है। यानी हालात सुधर तो रहे हैं, पर अभी भी प्रदेश औसत बारिश से पीछे चल रहा है।

अभी तक प्रदेश में करीब 13 इंच यानी 330.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि इतने समय तक 14.6 इंच यानी 370.9 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 फीसद कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में ज्यादा बारिश की वजह से यहां का आंकड़ा औसत से 8 फीसद कम है।

अगले चार दिन रहना होगा सतर्क

मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में लेने की गलती बिल्कुल मत कीजिए। अगले चार दिन प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जिन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है, वहां प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना ही सबसे बड़ी समझदारी होगी।

निचले इलाकों में रहने वाले, नदी किनारे बसे गांव और शहरी इलाकों में जलभराव वाली जगहों पर रहने वालों को खास एहतियात बरतनी चाहिए। मौसम अपडेट लगातार चेक करते रहें, क्योंकि मध्य प्रदेश में मानसून अभी और भी रंग दिखाने वाला है।