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Bhopal Vande Mataram Event : 40+ वाद्य यंत्र, 200 विद्यार्थी और 150 छात्राओं की खास प्रस्तुति, 1 सितंबर को दिखेगा देशभक्ति का अनोखा रंग

Bhopal Vande Mataram Event

Bhopal Vande Mataram Event :  भोपाल में सितंबर की शुरुआत इस बार एक खास सांस्कृतिक कार्यक्रम से होने जा रही है। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शहर में संगीत, नृत्य और सामूहिक गायन का ऐसा आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें बच्चों, युवाओं और कलाकारों की बड़ी भागीदारी देखने को मिलेगी।

विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से यह कार्यक्रम 1 सितंबर 2026 को डीबी सिटी मॉल, भोपाल में शाम 4 बजे से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ को केंद्र में रखकर भारतीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य और सामूहिक गायन की प्रस्तुतियां होंगी।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए नई पीढ़ी को देश के सांस्कृतिक इतिहास से जोड़ने और भारतीय कला परंपराओं को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।

40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों के साथ होगी खास प्रस्तुति

कार्यक्रम का पहला बड़ा आकर्षण इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी की प्रस्तुति होगी। वह 40 से अधिक अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए ‘वंदे मातरम्’ की विशेष संगीतमय प्रस्तुति देंगे।

एक ही प्रस्तुति में इतने अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल कार्यक्रम को खास बनाने वाला है। इससे दर्शकों को ‘वंदे मातरम्’ की धुन को एक अलग संगीत संयोजन में सुनने का मौका मिलेगा। आयोजकों की योजना इसे रिकॉर्ड प्रयास के तौर पर भी दर्ज करने की है। इसके लिए कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजीकरण किया जाएगा।

200 से ज्यादा विद्यार्थी एक साथ गाएंगे ‘वंदे मातरम्’

कार्यक्रम का दूसरा बड़ा हिस्सा सामूहिक गायन होगा। विविधा अकादमी के 200 से अधिक विद्यार्थी एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे। बच्चों और युवाओं की यह सामूहिक प्रस्तुति कार्यक्रम में एक अलग माहौल तैयार करेगी। आयोजकों का कहना है कि इसके जरिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गीत के इतिहास और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी गीत या सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में युवाओं की भागीदारी अहम होती है।

150 से ज्यादा छात्राएं करेंगी सामूहिक कथक

कार्यक्रम का तीसरा प्रमुख आकर्षण 150 से अधिक छात्राओं की सामूहिक कथक प्रस्तुति होगी। छात्राएं ‘वंदे मातरम्’ पर कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। खास बात यह है कि प्रस्तुति केवल रिकॉर्डेड ट्रैक पर आधारित नहीं होगी, बल्कि लाइव म्यूजिक के साथ कथक का मंचन किया जाएगा।

इसमें शास्त्रीय नृत्य, संगीत और देशभक्ति की भावना को एक साथ प्रस्तुत करने की कोशिश होगी। बड़ी संख्या में कलाकारों का एक साथ कथक करना दर्शकों के लिए कार्यक्रम के यादगार हिस्सों में शामिल हो सकता है।

सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, संस्कृति से जोड़ने पर जोर

आयोजकों के मुताबिक इस आयोजन का मकसद केवल किसी रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र हासिल करना नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा सांस्कृतिक उद्देश्य भी रखा गया है। ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गीत रहा है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और एकता की भावना जगाने वाले प्रमुख प्रतीकों में शामिल रहा। मंत्रालय 2025-26 में इसके 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

‘वंदे मातरम्’ के 150 साल का राष्ट्रीय संदर्भ

‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी। संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक इसकी 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में सालभर के कार्यक्रमों की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई थी, जो नवंबर 2026 तक चलने हैं।