MP में बड़ा एक्शन, पूरे प्रदेश में अवैध शराब पर कसा शिकंजा,हर जिले से रोज मांगी जाएगी रिपोर्ट
Mp Big News , Madhya Pradesh excise department action : मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक आंकड़े के मुताबिक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया है।
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी सहायक आबकारी आयुक्तों और जिला आबकारी अधिकारियों को विशेष अभियान गंभीरता से चलाने के निर्देश दिए हैं। साफ कहा गया है कि अभियान में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी।
सागर कांड के बाद पूरे MP में विशेष अभियान
आबकारी विभाग का फोकस अब केवल अवैध शराब पकड़े जाने तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन पूरी सप्लाई चेन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां लगातार निगरानी करेगा। अवैध शराब बनने की सूचना मिलने पर संबंधित ठिकानों पर दबिश दी जाएगी। संदिग्ध वाहनों की जांच और शराब के अवैध परिवहन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंसी शराब दुकानों और उनके परिसरों में गंभीर अनियमितता मिलने पर भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। यानी जांच का दायरा केवल कच्ची या नकली शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं रहेगा।



मुखबिर तंत्र होगा मजबूत
अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने में स्थानीय सूचना तंत्र अहम भूमिका निभा सकता है। इसी वजह से आबकारी विभाग ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय और मजबूत करने पर जोर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में मिलने वाली विश्वसनीय सूचनाओं पर समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मकसद ऐसे नेटवर्क तक पहुंचना है, जहां शराब के निर्माण से लेकर उसे ग्राहकों तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था चलती है।
अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अभियान का लक्ष्य केवल ज्यादा से ज्यादा केस दर्ज करना नहीं है। असली मकसद अवैध शराब की पूरी श्रृंखला पर प्रभावी कार्रवाई करना है। अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी को विश्वसनीय जानकारी मिलने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती या गंभीर मामले की अनदेखी की जाती है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
हर जिले से रोज जाएगी रिपोर्ट
विशेष अभियान की निगरानी के लिए सभी जिलों से रोजाना प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को भेजना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से विभाग को यह पता रखने में मदद मिलेगी कि किस जिले में कितनी कार्रवाई हुई और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी किस स्तर पर चल रही है।
जरूरत पड़ने पर आबकारी विभाग पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी करेगा। इससे उन मामलों में कार्रवाई तेज करने की कोशिश होगी, जहां अवैध शराब के कारोबार में कई स्तरों पर लोग जुड़े होने की आशंका हो।
