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MP Police को बड़ी सौगात: हजारों कर्मचारियों का प्रमोशन, नई भर्ती और खंडवा में नई बटालियन

MP Police

MP Police भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को माहौल कुछ अलग था। हॉल तालियों से गूंज रहा था, और मंच पर मौजूद वर्दीधारी चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। मौका था मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के 'आभार प्रदर्शन समारोह' का, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद अपने हाथों से पदोन्नत अधिकारियों को बैज लगाए और नई भर्ती वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।

एक झटके में 27,534 पदोन्नति, रिकॉर्ड आंकड़ा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनकी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 अलग-अलग संवर्गों में कुल 27 हजार 534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी है। यह मध्यप्रदेश पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी पदोन्नति प्रक्रिया मानी जा रही है।

हालांकि इस उपलब्धि के साथ एक टीस भी जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया कि पदोन्नति की यह प्रक्रिया पूरी होते-होते करीब 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो चुके थे। उनके शब्दों में इसका मलाल भी सरकार को है। यह टिप्पणी बताती है कि पदोन्नति में देरी की समस्या नई नहीं थी, और लंबे समय से यह मुद्दा पुलिस महकमे में असंतोष की वजह बना हुआ था।

9,751 नए पदों पर भर्ती, दो साल में पूरी होगी प्रक्रिया

पदोन्नति के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भर्ती से जुड़ा बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 नई भर्तियों को मंजूरी दी जा चुकी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की कोशिश है कि आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने भी पद खाली हैं, उन्हें अगले दो सालों के भीतर भर दिया जाए।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 से अब तक अलग-अलग संवर्गों में 14 हजार 704 से ज्यादा उम्मीदवारों का चयन पहले ही किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी से जुड़े पदों की भर्ती भी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि इस साल कुल 9,662 विभिन्न पदों पर भर्ती की स्वीकृति मिल चुकी है, और सब इंस्पेक्टर व सूबेदार पदों के लिए 2025 में ही नई भर्ती नियमावली तैयार कर ली गई थी।

खंडवा में नई बटालियन, आदिवासी समुदायों को मिलेगी जगह

समारोह की एक बड़ी घोषणा खंडवा जिले से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां एक नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के नाम से तीन नई बटालियन भी बनाई जाएंगी।

इन नई बटालियनों की एक खास बात यह होगी कि इनमें अति पिछड़ी जनजातियों जैसे बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय के युवाओं को शामिल करने वाली विशेष कंपनियां गठित की जाएंगी। यह कदम इन समुदायों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक ठोस पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

नक्सलवाद और डकैत समस्या से मुक्ति का जिक्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश पुलिस की पुरानी उपलब्धियों को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि चंबल क्षेत्र से डकैत समस्या का सफाया करने के बाद मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना, जिसने नक्सलवाद की चुनौती पर पूरी तरह काबू पाया। गौरतलब है कि राज्य को औपचारिक रूप से नक्सल-मुक्त घोषित किया जा चुका है, और इस उपलब्धि को हासिल करने में पुलिस बल के विशेष अभियानों की अहम भूमिका रही है।


मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिस सेवा से जुड़े लोग सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा में योगदान देते रहते हैं, और यह परंपरा मध्यप्रदेश पुलिस की पहचान का हिस्सा है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी भी शुरू

कार्यक्रम में सिंहस्थ 2028 का जिक्र भी हुआ, जो प्रदेश के लिए एक बड़ा आयोजन साबित होने वाला है। देशभर से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे, और इसकी सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल को अभी से तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से ज्यादा नई नियुक्तियां हो चुकी हैं, और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यह बल सिंहस्थ ड्यूटी के लिए तैनात किया जाएगा।

इसके अलावा हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती पहले ही पूरी की जा चुकी है। अनुशासन बढ़ाने के मकसद से पुलिस बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया भी जारी है, ताकि जल्द सभी इकाइयों को अपना बैंड मिल सके।