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पटवारियों के लिए बड़ी खबर! RI प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू, जानें किन्हें मिलेगा फायदा

मध्यप्रदेश में पटवारियों की RI पदोन्नति प्रक्रिया शुरू, 1050 नामों की सूची जारी, जिलों से 30 सितंबर तक सेवा संबंधी जानकारी मांगी गई, जानिए पूरी प्रक्रिया और पात्रता।
MP Patwari Promotion

MP Patwari Promotion: मध्यप्रदेश के पटवारियों के लिए एक बड़ी खबर आई है। स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री के काम को लेकर पटवारी लंबे समय से नाराज़गी जता रहे थे। अब सरकार ने उनकी मांग मान ली है। राजस्व विभाग ने पटवारियों को राजस्व निरीक्षक यानी RI के पद पर प्रमोशन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए कमिश्नर ने सभी जिलों के कलेक्टरों से पटवारियों की सेवा संबंधी जानकारी मांगी है।

खास बात यह है कि इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने 1050 पटवारियों की एक लिस्ट भी जारी कर दी है। यानी प्रमोशन की कवायद अब सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि अमल में आती दिख रही है। अगर आप भी पटवारी संवर्ग से जुड़े हैं या इस खबर पर नज़र रख रहे हैं, तो जानिए पूरा मामला।

30 सितंबर सुबह 10 बजे तक देनी होगी जानकारी

विभाग ने साफ कर दिया है कि पटवारियों से जुड़ी जानकारी 30 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे तक अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। यह जानकारी कलेक्टरों के माध्यम से संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार से मांगी गई है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की स्वामित्व योजना में पटवारियों को रजिस्ट्रीकर्ता की भूमिका दी गई है, लेकिन इस जिम्मेदारी से पटवारी संतुष्ट नहीं थे।

आखिर पटवारी नाराज़ क्यों थे?

पटवारियों की नाराज़गी की वजह साफ है। उनका कहना है कि जमीन का स्वामित्व लाभार्थी और सरकार के बीच का दस्तावेजी मामला है। ऐसे में पटवारी को रजिस्ट्रीकर्ता यानी निष्पादक बना देना उचित नहीं है।पटवारियों की चिंता यह है कि अगर भविष्य में किसी व्यक्ति ने स्वामित्व को चुनौती दी, तो निष्पादक के तौर पर दर्ज पटवारी भी कानूनी पचड़े में फंस सकता है। यही वजह है कि वे इस भूमिका को लेकर लंबे समय से आपत्ति जता रहे थे।

किन पटवारियों को मिलेगा प्रमोशन का फायदा?

अब बात करते हैं कि यह प्रमोशन किन नियमों के तहत होगा। यह प्रक्रिया मध्यप्रदेश भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2012 के तहत होगी, जिसमें 18 जून 2018 को संशोधन किया गया था। इन्हीं प्रावधानों के आधार पर उन पटवारियों की सूची तैयार की गई है, जिनकी उम्र 1 जनवरी 2026 को 50 साल से कम है।

इसके अलावा विभाग ने कलेक्टरों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन पटवारियों की नियुक्ति जून 2007 या उससे पहले पटवारी संवर्ग में हुई थी, उनका नाम भी सूची में जोड़ा जाए। यानी पुराने और अनुभवी पटवारियों को भी इस प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।